प्रो. अजीत कुमार सिंह। राष्ट्रनायक न्यूज।
छपरा (सारण)। पूरे देश में इन दिनों आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। सोमवार को देश भर में स्वाधीनता की 75वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई जाएगी। वहीं सारण जिले के एकमा प्रखंड के देवपुरा पंचायत के देवपुरा गांव में आज भी ब्रिटिश हुकूमत के दौरान वेस्ट बंगाल से सिपाही के पद से सेवानिवृत्त 101 वर्षीय वृद्ध रामधारी शाही जीवित और पूरी तरह से स्वस्थ हैं। वह बताते हैं कि आजादी के बाद प्रथम बार आयोजित 24 परगना थाने में तैनात श्री शाही स्वतंत्रता दिवस समारोह में शिरकत करने वाले शख्स व तत्कालीन गुलामी व आजादी के पल के जीवंत गवाह हैं। श्री शाही बीते वर्ष बिहार सरकार द्वारा सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान से पुरस्कृत शिक्षक डॉ. शशि भूषण शाही के बाबा हैं। देवपुरा गांव निवासी सेवानिवृत्त सिपाही श्री शाही बताते हैं कि उन्होंने ब्रिटिश काल की गुलामी और स्वाधीनता के प्रथम खुशी के पल के गवाह हैं। वह बताते हैं कि वेस्ट बंगाल के तत्कालीन 24 परगना थाने में आठवीं पास होने के बाद सिपाही के पद पर सन 1945 में बहाल हुए थे। देश को जब ब्रिटिश हुकूमत से मुक्ति मिली तो वह वेस्ट बंगाल के 24 परगना थाने में आयोजित 15 अगस्त, दिन शुक्रवार सन 1947 को आयोजित झंडा रोहण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश शासन में सेवाकाल के दौरान उन्हें कभी-कभी घुटन भरी जिंदगी महसूस होती थी। आज वह भी आजादी के 75 सालों बाद पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा प्रायोजित आजादी के अमृत महोत्सव व हर घर तिरंगा अभियान में शामिल होकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। क्षेत्र के बुद्धिजीवी और समाजसेवियों सहित शिक्षक नेता अरविंद कुमार ने श्री शाही को शासन और प्रशासन के द्वारा सम्मानित किए जाने की मांग की है।


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