- विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से आयोजित हुई कार्यशाला
- 2023 तक खसरा उन्मूलन का लक्ष्य
- पल्स पोलियो अभियान और कोविड टीकाकरण पर चर्चा की गयी
राष्ट्रनायक न्यूज।
छपरा (सारण)। सदर अस्पताल में वैक्सीन प्रीवेंटबल डिजिज(वीपीडी) विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. सागर दुलाल सिन्हा ने किया। प्रतिरक्षण कार्यालय व विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला में टीकों से बचाव वाली बीमारी जैसे पोलियो, डिप्थीरिया (गलघोटू), परट्यूसिस (काली खांसी) नियोनेटेल टेटनेस (नवजात टेटनेस) के सर्विलेंस के बारे में बताया गया। इसमें एएफपी, मिजिल्स, डिप्थीरिया, काली खांसी व नवजात टेटनस जैसे गंभीर बीमारियों के बेहतर इलाज की जानकारी दी गयी। कार्यशाला में सिविल सर्जन ने चिकित्सकों को इन जानलेवा बीमारियों के लक्षण, जांच के तौर तरीके व लैब सेंपल की जानकारी दी। उन्होंने बताया अगर 15 साल तक के बच्चे का कोई अंग छह माह तक लुंज या कमजोर दिखे तो ये एएफपी के लक्षण हैं। इस दौरान आगामी पल्स पोलियो अभियान और कोविड टीकाकरण पर भी चर्चा की गयी।
लक्षण की पहचान कर बेहतर इलाज प्रबंध करें:
एसएमओ डॉ रंजितेश कुमार ने बताया कि बुखार, गले में दर्द, टांसिल लाल व उसके आसपास व्हाइट व डार्क ग्रे थक्का और झिल्ली आदि गलघोटु और कम से कम दो सप्ताह से खांसी, खांसने के बाद उल्टी होना आदि काली खॉसी के लक्षण हैं। इसी तरह नवजात टेटनस के लक्षण व बचाव के बारे में बताया । उन्होंने कहा कि इन गंभीर बीमारियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इन बीमारियों के लक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही मरीज में कैसे इन बीमारियों के लक्षण को तलाशेंगे और इसके क्या उपाय होंगे, इसपर विस्तार पूर्वक चर्चा की गयी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एसएमओ डॉ. रंजितेश कुमार ने कार्यशाला में प्रोजेक्टर के माध्यम से विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
समुदाय को भी जागरूक करें:
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. चंदेश्वर सिंह ने कहा कि समुदाय को भी जागरूक करें कि कम से कम बच्चों को वैक्सीन जरूर दिलायें, क्योंकि वैक्सीन उपलब्ध रहने के बाद भी जानकारी के अभाव में जान चली जाती है। ऐसे मरीज दिखे तो तुरंत डब्ल्यूएचओ व डीआईओ को जानकारी दें। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा, एसीएमओ डॉ. एचसी प्रसाद, डीएमओ डॉ. दिलीप कुमार सिंह, डीआईओ डॉ चंदेश्वर सिंह, एसएमओ डॉ रंजितेश कुमार, डीपीएम अरविंद कुमार, आईडीएसपी से डॉ रिया, यूनीसेफ एसएमसी आरती त्रिपाठी समेत सभी प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबन्धक व मेडिकल ऑफिसर मौजूद थे।



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