- 6 साल के बच्चे का अपहरण कर हत्या के आरोप में एडीजे 9 के जज ने महिला को दिया आजीवन कारावास व 30 हजार आर्थिक दण्ड
- वर्ष 2020 में सरस्वती पूजा के दिन बच्चे का हुआ था अपहरण, 6 दिन बाद मिला था शव
- 7 गवाहों के बयान के बाद जज ने सुनाया फैसला
छपरा(सारण)। सिविल कोर्ट के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवम ने 6 साल के बच्चे का अपहरण एवं हत्या के आरोप में दोषी पाते हुए महिला को आजीवन कारावास एवं 30 हजार आर्थिक दंड लगाया है। इसकी जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक अधिवक्ता गिरीश नंदन प्रसाद सिंह ने बताया कि जिले के मकेर थाना क्षेत्र के तारा अमनौर गांव निवासी मल्लू पंडित के 6 वर्षीय पुत्र शशि किशुन कुमार का अपहरण कर निर्मम हत्या कर देने के मामले में सुशीला देवी ने मकेर थाना में 31 जनवरी 2020 को कांड संख्या 17/2020 एफआईआर दर्ज कराया था। जिसकी सत्र वाद संख्या 191/2020 की सुनवाई के बाद अपहरण एवं हत्या में संलिप्त महिला बबन पंडित की पत्नी सीमा देवी को भादवि धारा 302 एवं 201 के तहत दोषी मानते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवम कोर्ट द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाया गया है। साथ ही 30 हजार रुपए आर्थिक दंड भी लगाया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों सजा एक साथ चलाने के लिए न्यायाधीश द्वारा आदेश दिया गया है। जानकारी के अनुसार 30 जनवरी 2020 को सरस्वती पूजा के दिन आरोपी महिला सीमा देवी ने मल्लू पंडित के 6 वर्षीय पुत्र शशि किशुन कुमार को बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया। जिसकी अपह्रत बच्चे मां सुशीला देवी ने मकेर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। अपहरण के करीब 6 दिन बाद तारा अमनौर गांव के बगीचे में बच्चे का शव बरामद किया गया था। जहां से हत्या में संलिप्त महिला की चप्पल एवं कपड़ा आदि बरामद किया गया था। जिसकी निशानदेही पर पुलिस ने छापेमारी कर हत्यारी महिला को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने बच्चे की अपहरण एवं हत्या मामले का अनुसंधान कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। जिसके आलोक में गवाहों के बयान एवं साक्ष्य के आधार पर सिविल कोर्ट के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवम् ने महिला सीमा देवी को भादवि की धारा 302 एवं 201 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाया है।
महिला अभियुक्त एवं सूचक के बीच हुआ था विवाद, बदले की आग में बच्चे का अपहरण कर महिला ने की थी हत्या
मकेर थाना क्षेत्र के तारा अमनौर गांव में 6 वर्षीय बच्चे की अपहरण एवं हत्या बदले की आग में करने की बात सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार हत्या के दोषी महिला सीमा देवी एवं मृतक के परिजनों के बीच पूर्व में विवाद हुआ था। जिस पर गांव में ही स्थानीय पंचों द्वारा पंचायत कर विवाद को सुलह समझौता करा दिया गया। पंचायत में पंचों ने महिला पर आर्थिक दंड भी लगाया था। जिसके बदले की आग में महिला सीमा देवी ने अंजाम भुगतने की धमकी दी थी और कुछ ही दिन बाद वर्ष 2020 में सरस्वती पूजा के दिन ही मल्लू पंडित के 6 वर्षीय पुत्र का अपहरण कर हत्या कर दी। और हत्या का साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से बच्चे के शव को गांव के बगीचे में फेंक दिया था।
मृतक बच्चे के गर्दन में कटे का निशान व दोनों कान, चेहरे पर जख्म था
वर्ष 2020 में सरस्वती पूजा के दिन मल्लू पंडित के 6 वर्षीय पुत्र शशि किशुन कुमार की हत्या के बाद शव का सदर अस्पताल छपरा में पोस्टमार्टम कराया गया था पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे के गर्दन पर कटे के निशान दोनों कान पर गहरा जख्म एवं पूरे चेहरे पर जख्म का निशान साबित हुआ था जिसस ऐसा प्रतीत होता है कि हत्या की दोषी महिला ने पंचायत में पंच द्वारा दिए गए आर्थिक दंड एवं विवाद के बदले की आग में मासूम बच्चे का निर्मम हत्या कर दी थी।
7 गवाहों के बयान के बाद जज ने सुनाया फैसला
मकेर थाना क्षेत्र के तारा अमनौर गांव निवासी मल्लू पंडित के 6 वर्षीय पुत्र का अपहरण एवं हत्या के मामले में सिविल कोर्ट के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवम द्वारा सुनवाई किया गया। अपर लोक अभियोजक गिरीश नंदन प्रसाद सिंह ने बताया कि न्यायधीश के द्वारा सुनवाई के दौरान केस के अनुसंधानकर्ता एवं पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर की गवाही के साथ-साथ 5 गवाहों का बयान दर्ज किया गया। इसके बाद लोक अभियोजक द्वारा हत्या में संलिप्त महिला को सजा देने एवं मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए न्यायधीश से अपील किया गया। जिस पर न्यायाधीश ने अपहरण हत्या का दोषी मानते हुए महिला सीमा देवी को सजा सुनाया है।


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