राष्ट्रनायक न्यूज।
मांझी (सारण)। छपरा बलिया रेलखंड पर अवस्थित मांझी रेलवे स्टेशन पर चापाकल तथा शौचालय की सुविधा उपलब्ध नही होने के कारण यात्री भटकने को मजबूर हैं। 1908 में अंग्रेजों द्वारा निर्मित मांझी रेलवे स्टेशन पर फिलहाल दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों के अलावा उत्सर्ग एक्सप्रेस का भी ठहराव होता है। जानकारी के मुताबिक उक्त रेलवे स्टेशन होकर प्रतिदिन लगभग डेढ़ सौ से दो सौ यात्री नियमित रेलयात्रा करते हैं। इस रेलवे स्टेशन पर अंग्रेजों के जमाने में बना शौचालय वर्षों से टूटा फूटा पड़ा है। शौचालय में दरवाजा तक नही है। साथ ही स्टेशन परिसर में मौजूद एक अदद चापाकल भी महीनों से खराब पड़ा हुआ है। रेलवे स्टेशन को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने की योजना के तहत रेल प्रशासन द्वारा महीनों पहले प्लेटफॉर्म पर बने आधा दर्जन छोटे शेड को भी उखाड़ लिया गया। शेड के अभाव में रेलयात्री धूप व बरसात का दंश झेलने को मजबूर हो रहे हैं। रेल यात्रियों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से उक्त स्टेशन पर यात्री सुविधाओं तथा प्रशासनिक सुरक्षा का घोर अभाव बना हुआ है। रेलयात्री उक्त स्टेशन पर दिन में भी आने जाने से डरते हैं। बावजूद इसके रेल प्रशासन यात्री सुविधाओं के मामले में उदासीन बना हुआ है।


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