राष्ट्रनायक न्यूज।
रसूलपुर (सारण)। स्थानीय चट्टी अवस्थित महात्मा गांधी परिकल्पित राजकीय बुनियादी विद्यालय रसूलपुर सरकारी उपेक्षा के कारण अपना अस्तित्व खोने पर विवश है। खंडहर में तब्दील कमरों को शराबियों ने अपना बसेरा बना लिया है। जहां से रोजाना शराब के खाली पैकेट व रैपरों की सफाई करते-करते विद्यालय कर्मी थक चुके हैं। विद्यालय का प्रवेश द्वार की सड़क किनारे लोग कुड़ा- कचरा स्थल बना चुके हैं। वहीं विद्यालय में कोई भी शौचालय प्रयोग में नहीं हैंं। यहां कार्यरत आधा दर्जन शिक्षिकाओं व छात्राओं को आसपास की झाड़ियों में मजबूरन जाना पड़ता है। विद्यालय कर्मियों के अनुसार दो दशक पहले यहां एक एनजीओ द्वारा शौचालय बनाया गया था। अपने निर्माण काल से ही वह टूटते-टूटते ध्वस्त हो गया। बीच बाजार में विद्यालय होने के कारण शौचालय नहीं होने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकारी उदासीनता के कारण विद्यालय का जमीनी विवाद कई सालों से विद्यमान है। संभवतः यहां कोई निर्माण कार्य नहीं होता। निर्माण कार्य शुरू होने के पहले ही विवाद शुरू हो जाता है। अब धीरे धीरे सरकारी उदासीनता के कारण विद्यालय का जमीन अतिक्रमण का शिकार हो रहा है।


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