बाढ़ कहर: सामुदायिक किचेन से खाना खाकर लौट रहे भाई बहन-पानी की गहरे बाढ़ के पानी में डूबने से मौत
- परिजनों ने कहा- साहब नाव की व्यवस्था हुई होती यह घटना नहीं होती
अमनौर(सारण)। प्रखंड के अपहर पंचायत के सलखुआ नट बस्ती बैल घट्टी के पास सामुदायिक किचेन से खाना खाकर लौट रहे भाई-बहन का बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गया। मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार मृतक सलखुआ नट बस्ती के राजेश नट के 12 वर्षीय पुत्री राधा कुमारी व 8 वर्षीय पुत्र आदित्य कुमार बताया जाता है। घटना बुधवार की दोपहर की है। बस्ती बाढ़ के पानी मे डूब जाने से सभी गांव के लोग पानी के बीच टापू पर अवस्थित मिडिल स्कूल पैग़ा शेखपुरा में आश्रय लिए हुए है। कमर से ऊपर तक पानी में पैदल चलकर मुख्य सड़क पर आते जाते थे। यहां से पांच सौ गज की दूरी भेड़ियार टोला में सामुदायिक किचेन की व्यवस्था किया गया है। जहाँ परिजनों के साथ खाना खाने आये हुए थे। परिजन आगे-आगे चल दिये पीछे से दोनों भाई बहन आश्रय स्थल पर आ रहे थे। अचानक पानी की धारा में दोनों बह गए। कुछ देर के बाद परिजनों को पता चला कि बच्चा डूब गया। आनन-फानन में पानी मे कूदकर बच्चे की तलाशी शुरू कर दिया। कुछ देर बाद दोनों का शव पानी से निकला गया। बच्चे की डूबने की खबर सुन लोगों की भीड़ जुट गई। बच्चे के शव को देख इनके माता पिता चीत्कार मारकर रोने बिलखने लगे। ग्रामीण सरकार के बाढ़ पीड़ितों के प्रति उदासीनता पर काफी आक्रोशित दिखे। घटना कि सूचना मिलने पर एसआई कृत नारायण सिंह घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी हासिल की और शव को कब्जे में कर पोस्मार्टम हेतु छपरा भेज दिया।

आश्रय स्थल विद्यालय में भोजन की व्यवस्था होती तो नहीं होते यह घटना
घटना की जानकारी मिलने पर राजद के जिला अध्यक्ष सुनील राय ने कहा कि आश्रय स्थल के पास भोजन की व्यवस्था होती तो बच्चे पानी में पैदल चलकर दूर भोजन करने नहीं जाते। अधिकारी जान बूझ कर दूर सामुदायिक किचेन की व्यवस्था किये है। गांव के ललन नट, कृष्णा कुमार ने बताया कि बाढ़ आये हुए दो सप्ताह हो गया। मात्र दो दिन से भोजन की व्यवस्था किया गया है। हमलोग अधिकारी से स्कूल में हीं भोजन की व्यवस्था व नाव उपलब्ध कराने के लिए कई बार आग्रह किया। परंतु अधिकारी या मुखिया कोई सुधी तक नहीं लिया।हमलोग गरीब कमजोर लोग है, हमलोगों को मरने डूबने से उन्हें क्या मतलब। कोरोना के बाद बाढ़ के कारण एक तो मजदूरी का काम भी नही मिल रहा, अन्यथा हमलोग भोजन क्यों वहां करने जाते।
मृतक के माता-पिता ने कहा- कमजोर है इसलिए नहीं मिली व्यवस्था, दो वक्त के भोजन की लालच में खो दिया दो लाल
मृतक के माता सीमा देवी पिता राजेश नट बिलखते हुए कहा साहब हमलोग नट है।हमलोग अगर मजबूत होते तो हमलोगों के लिए अधिकारी नाव व भोजन की व्यवस्था जरूर करती। एक वक्त भोजन के लिए मेरे लाल को हम से दूर कर दिया। मृतक दो भाई व तीन बहन थे। इतनी बड़ी घटना होने के बाद पुलिस के सिवा कोई अधिकारी नही पहुँचे। विधायक शत्रुध्न तिवारी पहुँच परिजनों को सांत्वना दिया।


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