घमई नदी का बांध टूटने से दर्जनों गांव में प्रवेश की बाढ़ का पानी, जन-जीवन प्रभावित
बनियापुर(सारण)। घमई नदी का बांध टूटने से धवरी पंचायत अंतर्गत नजीबा, धवरी, रामनगर, कटसा, सरमी सहित आधा दर्जन गांव के सैकड़ो घरों में नदी का पानी प्रवेश कर गया है। जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। एका-एक घरों में पानी घुसने से ग्रामीण अचंभित है। जिन घरों में पानी घुसा है। वहाँ नारकीय स्थिति उत्पन्न हो गई है। पशुओं के चारे सहित दैनिक उपभोग की वस्तुओं को प्राप्त करना भी लोगो के लिये कठिन हो गया है। पीड़ित तीन-चार दिनों से मजबूरन घरों में दुबके है। जबकि कुछ लोगों घर की छतों को आशियाना बनाये हुए है।स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि सह पैक्स अध्यक्ष दिलीप राय ने बताया कि बार-बार आग्रह के बाद भी स्थानीय पदाधिकारियों द्वारा बाढ़ पीड़ितों की मदत के लिये कोई भी राहत और बचाव कार्य को लेकर पहल नही की जा रही है। न ही वस्तु स्थिति का जायजा लेने के लिये कोई अधिकारी स्पॉट पर पहुँच रहे है। जिसको लेकर ग्रामीणों में नराजगी छाई हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सैकड़ो एकड़ में लगी धान की फसल चवर की उफनाई नदी में समाहित हो गई है।

कोरोना काल में लोग जैसे-तैसे जीवन बसर कर रहे थे। इस बीच बाढ़ ने पीड़ितों की सुख-चैन छीन लिया है। इधर सहाजितपुर को इसुआपुर से जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर भी लगभग दो फिट पानी चढ़ गया है। पानी चढ़ने से कई जगह पर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। अंदेशा जताया जा रहा है कि यदि पानी का बहाव कम नही हुई तो टूटी सड़को से होकर आवगमन बाधित हो सकता है। स्थानीय लोगो की माने तो नदी का पानी दिनों-दिन नए घरों में प्रवेश कर रहा है। जिससे जीवन-यापन व्यापक स्तर पर प्रभावित हो गया है। बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि अबतक प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ पीड़ितों के लिये मदत नही पहुँचाना संवेदनहीनता का परिचायक है।



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