अमनौर: चार माह से निजी शिक्षण संस्थान बन्द होने से आर्थिक संकट से जुझ रहे है संचालक व शिक्षक
नीरज शर्मा की रिपोर्ट
अमनौर(सारण)। स्वतंत्रता दिवस पर निजी शिक्षण संस्थान के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री द्वारा कुछ नही कहने से निजी शिक्षण संस्थान के शिक्षक खासे नाराज है। कोरोना महामारी के कारण लगभग चार पांच माह से विद्यालय बन्द होने से संचालक व शिक्षको में भुखमरी की स्थिति बनी हुई है। सभी आर्थिक संकट से जुझ रहे है। केडी पब्लिक स्कूल के निदेशक चन्द्र केत कुमार, मेधा पब्लिक स्कूल के निदेशक सुजय शर्मा, न्यू विजन कोचिंग सेंटर के नगर्जित कुमार, कुंदन कुमार तिवारी समेत दर्जनों शिक्षको का आरोप है कि करीब चार पांच माह में कोरोना के महामारी की वजह से शिक्षण संस्थान बन्द पड़े है। भवन व स्टाप खर्ज लग रहा है।सरकार शिक्षण संस्थान खोलने की अनुमति भी नही दे रही है। न ही निजी शिक्षको के लिए कोई भाता आवंटन कर रही है। जिस कारण हमलोगों का जीवन बदहाल हो चुका है। स्वतंत्रता दिवस पर सबको आशा थी कि सरकार जरूर हमलोगों की जीविका के लिए कोई घोषणा करेगी, पर कुछ भी नही मिला। आखिर क्या करे, कैसे इस महामारी के साथ बाढ़ की आपदा में घर परिवार बाल बच्चे का लालन पालन करे। मनरेगा में कार्य करना या मजदूरी करके जीवन यापन करना ही विकल्प बना हुआ है। शिक्षको ने निजी शिक्षको के लिए अलग से बेरोजगारी भत्ता आवंटन करने की मांग किया है।


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