सिस्टम पर सवाल: बाढ़ में नहीं मिला संसाधन तो बीमार पानी में खाट पर मरीज को इलाज कराने ले गये ग्रामीण
- मुखिया ने नाव से चुरा बांटा और पुनः नाव लेकर चले गए
मुरारी बाबा।भेल्दी
अमनौर प्रखंड के सभी पंचायतो के विभिन्न गांव में बाढ़ के पानी मे लगातर वृद्धि हो रही है। प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा नाव उपलब्ध नहीं कराए जाने से ग्रामीणों की परेशानी काफी बढ़ गई है। कई गांवों लोगों के घर में 4 फीट तक पानी बह रही है। लोग ऊंचे स्थान और सड़क पर शरण लिए हुए हैं। कई पंचायतो में लोगों के घर के आसपास पानी बहने से घर की स्थिति टापू जैसी बनी हुई है। महिलाएं व बच्चें घर में रह रही हैं।

शुक्रवार दोपहर एक वृद्ध महिला को इलाज के लिए ग्रामीणों ने नाव के अभाव में 1 किलोमीटर खाट पर लेकर पैदल पानी में चार युवक ले जाते नजर आए। खाट को उठा कर ले जा रहे महिला के पुत्र विनोद राय ग्रामीण इन्द्रदेव राय, दिनेश राय, विधान कुमार, मनदीप ने बताया कि लगभग एक किमी कही गर्दन तो कही कमर तक पानी पार कर छपरा मुजफ्फरपुर एनएच 722 पर जाएंगे उसके बाद पुनः 3 किलोमीटर जाने के बाद गड़खा सीएचसी में इलाज होगी। परिजनों ने बताया कि लाल मुनिया देवी के हाथ गिरने से टूट गया हैं। सराय बक्स यादव टोला में कमर तक पानी बह रही हैं। जिसके कारण सड़क तक लाने के लिए खाट का सहारा लिया गया।

वहीं कुछ ग्रामीणों का कहना था कि मुखिया पति मदन कुमार सिंह द्वारा कुछ दिन पहले बाढ़ की समस्याओं को देखते हुए नाव उपलब्ध कराई गई थी, परंतु मुखिया गांव में चुरा मीठा बांटने आए और उसी नाव से वितरण करने के साथ ही नाव को अपने साथ लेकर चले गए। जिससे ग्रामीणों की परेशानी जस का तस बनी रही। इस संबंध में पूछे जाने पर मुखिया प्रतिनिधि मदन सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की संख्या काफी है। एक नाव से के कारण ग्रामीणों में आपस में द्वेष बांट रहा था। ग्रामीणों के अनुरोध पर नाव को हटा लिया गया।


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