किसान विरोधी काला कानून वापसी तक संघर्ष जारी रहेगी: सुरेंद्र राम
- तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ भारत बंद के समर्थन में सड़कों पर महागठबंधन के कार्यकर्ता
गड़खा(सारण)। किसान विरोधी काला कानून के खिलाफ किसानों के भारत बंद के समर्थन में महागठबंधन दलों के राजद और सीपीआई के कार्यकर्ताओं ने नवनिर्वाचित राजद विधायक सुरेन्द्र राम की अध्यक्षता में मुख्य बाजार स्थित शहीद ईन्द्रदेव चौधरी चौक पर सड़क पर उतर कर यातायात पुरी तरह बाधित कर दिया। इस दौरान बंद समर्थक केंद्र सरकार व नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए किसान विरोधी नए तीनों कृषि कानूनों को काला कानून बताते हुए इसे वापस करने की मांग कर रहे थे।

किसानों के भारत बंद के समर्थन में सड़क पर उतरे गड़खा के राजद विधायक सुरेंद्र राम ने कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण सिर्फ किसान ही नहीं, छात्र-युवा, मजदूर, हर वर्ग के लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अपने करिबियों व चंद पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए यह तीनों नए कृषि कानून लाए गए हैं, जो बिल्कुल किसानों के विरुद्ध है। कहा कि हर बदलाव को सुधार नहीं कहा जा सकता है। कुछ विनाशकारी भी बन सकते है। देश ने ऐतिहासिक सुधार के नाम पर नोटबंदी को झेला और भयावह परिणाम देखने को मिले। इस एक कदम से लाखों नौकरियां और सैकड़ों जिंदगियां खत्म हो गईं। विधायक ने कहा कि जीएसटी, कोरोना काल में सरकार के गलत निर्णयों से आम जनता को कितनी परेशानियां हुई यह किसी से छुपी हुई नहीं है। तीनों ने कृषि कानून वापसी तक संघर्ष जारी रहेगी।

महागठबंधन के वक्ताओं ने कहा कि तीन कृषि कानूनों में आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक, 2020”. यह न सिर्फ किसानों के लिए बल्कि आम जन के लिए भी खतरनाक है। अब कृषि उपज जुटाने की कोई सीमा नहीं होगी। उपज जमा करने के लिए निजी निवेश को छूट होगी। सरकार को पता नहीं चलेगा कि किसके पास कितना स्टॉक है और कहां है? खुली छूट, यह तो जमाखोरी और कालाबाजारी को कानूनी मान्यता देने जैसा है। सवाल यह है कि देश के कितने किसानों के पास भंडारण की सुविधा है? हमारे यहां तो 80% तो छोटे और मझोले किसान हैं। इस प्रकार एक बार फिर केन्द्र की मोदी सरकार तीन नए कृषि कानूनों के जरिए किसानों का शोषण कर बड़े पूंजीपतियों अडानी-अंबानी को फायदा पहुंचाना चाहती है. जिसे हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। भारत बंद के समर्थन में मुख्य रूप से राजद प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र राय, सीपीआई नेता राहुल कुमार यादव, विधायक के निजी सहयोगी नवीन राम, मिर्जापुर के मुखिया पति महेश राय, गुड्डू सिंह, मैनेजर राय, धर्मेंद्र राय, जितेंद्र कुमार यादव, मनोहर राम, दीपक पासवान, निर्मल राय, आलोक राय, झगरू राय, उमा राय, गुड्डू यादव, अनिल राय, सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।


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