निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बेरूखी से क्वेरेनटाइन सेंटर पर नहीं रह रहे है दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोग, अब तक 5356 लोग आए व 2327 का हुआ मॉनिटरिंग
- चक्षु काविड- 19 मोबाइल एप से लिया जा रहा डीटेल्स, अबतक 2327 लोगों की हुई मॉनिटरिंग
- किसान सलाहकार, स्वच्छताग्रही, विकास मित्र, पंचायत कार्यपालक सहायक व अन्य कर्मी मोबाइल एप से घर-घर जाकर डाटा कर रहे है अपलोड
हरिभूषण/कशिश भारती। छपरा
कोरोना वायरस यानी कोविड-19 से बचाव एवं सुरक्षा को लेकर लॉकडाउन किया गया है। ऐसे में दूसरे राज्यों आने वाले लोगों को पंचायत स्तर पर चिन्हित स्कूलों में रहने एवं स्वास्थ्य जांच करने की व्यवस्था की गई है। वहीं इन लोगों के आने का डाटा एकत्रित कर सीआईएमएस यानी कोविड-19 इनफॉरमेशन मैनेजमेन्ट सिस्टम पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है। इसके बाद चक्षु कोविड-19 मोबाईल एप के माध्यम से दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों का जियो टैगिंग करते हुए ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। जानकारी के अनुसार अभी तक दूसरे प्रदेशों करीब 5356 लोग सारण जिले के सभी प्रखंडों में आये है। जिनका मोबाइल एप के माध्यम मॉनिटरिंग करने को लेकर जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को नोडल ऑफिसर बनाया गया है। सभी प्रखंडों कर्मी दूसरे राज्यों से आये लोगों की सूचना एकत्रित कर मोबाइल एप से अपलोड कर रहे है। अभी तक करीब 2327 लोगों का डिटेल्स एकत्रित किया गया है। मोबाइल एप से डाटा अपलोड की धीमी गति पर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को दूसरे प्रदेशों से आये लोगों का डाटा अपलोड करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि दूसरे प्रदेशों से अपने घर लौटने वाले लोगों की निगरानी करने को लेकर किसान सलाहकार, स्वच्छताग्रही, विकास मित्र, पंचायत कार्यपालक सहायक सहित अन्य कर्मियों को लगाया गया है। ये कर्मी दूसरे पदेशों से आने वाले लोगों के घर जाकर चक्षु कोविड-19 मोबाइल एप के माध्यम से जियो टैगिंग कर रहे है।

पंचायत के जनप्रतिनिधि वोट बैंक को ले दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों का क्वेरेन्टाइन कराने में नहीं ले रहे है रूची
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों को पंचायत के चिन्हित स्कूलों में बने क्वेरेनटाइन सेन्टर में भेज कर जांच कराने को लेकर अधिकांश जनप्रतिनिधि रूची नहीं ले रहे है। ऐसे में गांव में दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोग बिना जांच कराये हीं बेरोक-टोक रह रहे है। जिससे ग्रामीण भय के माहौल में जी रहे है, परंतु इन जनप्रतिनिधियों के कारण कुछ भी बोलने अथवा कंट्रोल रूम में सूचना देने से कतरा रहे है। जानकारों की माने तो अगले वर्ष पंचायत निकाय का चुनाव होना है। अगर जनप्रतिनिधि दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों को क्वेरेनटाइन सेन्टर पर रहने के लिए बोलेंगे, फिर जांच के बाद निगेटिव रिजल्ट आया तो उनका वोट बैंक खराब हो सकता है। इस लिहाज से निर्वाचित जनप्रतिनिधि दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों को चिन्हित स्कूलों में बने क्वेरेनटाइन सेन्टर पर जाकर जांच कराने अथवा स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों को सूचना देने से इनकार कर चुपी साधना ही बेहतर समझ रहे है। ऐसे में अगर किसी भी व्यक्ति को कोरोना वायरस पॉजिटीव होता है, तो बहुत बड़ा महामारी फैल सकता है।

अधिकांश क्वेरेन्टाइन सेन्टर नहीं रह रहे है दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोग
जिले के दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों पर कोरोना वायरस की निगरानी को लेकर पंचायत स्तर पर चिन्हित स्कूलों में क्वेरेन्टाइन सेन्टर बनाया गया है। जानकारी के अनुसार जिले के करीब 3581 स्कूलों में क्वेरेन्टाइन सेन्टर बनाया गया है। जहां दूसरे राज्यों से आने लोगों को रहने की व्यवस्था की गई। ताकि उनके स्वास्थ्य की जांच कर कोरोना वायरस संक्रमित लोगों की पहचान कर उचित ईलाज किया जा सके। परंतु हकिकत कुछ अलग हीं है। जानकारों की माने तो अधिकांश क्वेरेनटाइन सेन्टर में रखे गये लोग नहीं रह रहे है। वे सभी लोग सरकारी कर्मियों के हटते हीं अपने घर चले गये है। ऐसा मामला नगरा, इसुआपुर, जलालपुर, अमनौर सहित कई प्रखंडों में बने क्वेरेनटाइन सेंटर से लोग घर चले गये है। जिससे लोगों में भय का माहौल उत्पन्न होने लगा है।
दूसरे राज्यों से इन प्रखंडों में इतने आये लोग का हुआ मॉनिटरिंग-
प्रखंड का नाम आने वाले लोगों की संख्या इतने लोगों का डाटा अपलोड
गड़खा 694 319
मांझी 807 255
मढ़ौरा 556 100
जलालपुर 409 239
सदर 215 117
बनियापुर 205 143
एकमा 183 43
परसा 291 15
इसुआपुर 125 125
लहलादुपर 121 103
रिविलगंज 110 93
मशरक 124 32
नगरा 92 57
तरैया 90 33
दरियापुर 272 117
दिघवारा 137 95
सोनपुर 363 166
मकेर 67 12
पानापुर 200 131
अमनौर 246 111
नगर निगम 21 13
नगर पंचायत 02 00


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