बी.एस.एस.आर. युनियन के जिला सम्मेलन सम्पन्न, सीपीएम नेता अहमद अली बोले: दवा प्रतिनिधियों के सामने अपने अस्तित्व को बचाए रखना बड़ी चुनौती
छपरा(सारण)। आज के दौर में दवा प्रतिनिधियों के सामने अपने अस्तित्व को बचाए रखने की चुनौती आन पड़ी है। केंद्र सरकार ने 44 श्रम कानून को खत्म कर इसके बदले चार नया वेज कोड बिल आया है जो पूरी तरह अस्वीकृत है। करोना काल में दवा प्रतिनिधियों के कंपनी मालिकों द्वारा आपदा में अवसर नीति के तहत फायदा उठाते हुए वेतन कटौती और कार्य दिवस में कटौती आदि कर इस पूरी जमात को मुसीबत में डालकर उद्योगपतियों के लिए अवसर का दरवाजा खोल दिया। इसके खिलाफ अन्य मजदूर संगठनों के साथ एकजुटता कायम कर लंबी लड़ाई में हमें जाना होगा। हमें केंद्र सरकार की ओर से फुटपरस्त नीतियों के विरुद्ध भी चट्टानी मोर्चाबंदी करनी होगी। उक्त बातें रविवार को बीएसएसआर यूनियन के द्वि वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए सीपीएम के राज्य सचिव मंडल सदस्य अहमद अली ने कही।

सम्मेलन शहर के साधनापूरी में सम्पन्न हुआ।अध्यक्षता रमन सिंह तथा पर्यवेक्षण राज्य सचिव शशि प्रकाश ने किया। जिला सचिव एम के ओझा ने अपने वार्षिक रिपोर्ट में विगत साल भर के आंदोलन और संगठन का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस कार्य अवधि में संगठन और आन्दोलन में बढ़ोतरी पर प्रतिनिधियों का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने संगठन के मजबूती और विस्तार हेतु कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा जो सर्वसम्मति से पास हुआ। विशेष रुप से किसान आंदोलन को समर्थन देने का वाला प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से स्वीकृति किया गया। राज्य पर्यवेक्षक शशि प्रकाश ने अपने समापन भाषण में इस कठिन दौर में भी सफल सम्मेलन के आयोजन पर सर्वप्रथम साथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होने उच्च स्तर संगठन और संघर्ष के प्रति उनकी सक्रियता एवं एकजुटता पर संतोष व्यक्त किया। राज्य पर्यवेक्षक, एससी एक्ट 1976 का कानूनी प्रावधान , मेडिकल सामानों का ऑनलाइन बिक्री पर रोक, दवा का दाम कम कर जीएसटी से मुक्ति आदि मांगों के लिए आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया। सम्मेलन का अभिनंदन करते हुए एसएफआई के राज्य अध्यक्ष शैलेंद्र यादव ने कहा कि आपके हर संघर्ष में एसएफआई के एक-एक कार्यकर्ता शामिल रहेगा। आज जिस प्रकार आम छात्रों के भविष्य को तबाह करने वाली नीति सरकार की ओर से बनाई जा रही है, उसी प्रकार मजदूरों के भविष्य को भी तबाह व बर्बाद करने के लिए केंद्र सरकार के द्वारा मजदूर विरोधी नीतियां बनाई जा रही है। जिसका मकसद मजदूर वर्ग और छात्र वर्ग के विरुद्ध है। ऐसे में आप और हम छात्रों का मकसद एक ही है, सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ पुरजोर तरीके से संघर्ष करना ।
सम्मेलन के अंत में 18 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन किया गया। सर्वसम्मति से जिला सचिव एम के ओझा तथा जिला अध्यक्ष रमन सिंह एवं कोषाध्यक्ष सुभाष मित्रा के अलावे उपाध्यक्ष राकेश कुमार, संयुक्त सचिव प्रमोद कुमार सिंह तथा अजय कुमार, सुमित कुमार, राजकुमार जयसवाल, रविंद्र सिंह, राजेश कुमार, मनोज सिंह, विजय श्रीवास्तव, अमरनाथ मुखर्जी, विश्वनाथ मुखर्जी, नितेश कुमार, प्रवीण कुमार, ललित कुमार कमेटी के सदस्य चुने गए।


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