राष्ट्रनायक न्यूज

Rashtranayaknews.com is a Hindi news website. Which publishes news related to different categories of sections of society such as local news, politics, health, sports, crime, national, entertainment, technology. The news published in Rashtranayak News.com is the personal opinion of the content writer. The author has full responsibility for disputes related to the facts given in the published news or material. The editor, publisher, manager, board of directors and editors will not be responsible for this. Settlement of any dispute

जैतपुर पंचायत में इंदिरा आवास की पहली किश्त मिलने के बाद नहीं मिली दूसरी क़िश्त

जैतपुर पंचायत में इंदिरा आवास की पहली किश्त मिलने के बाद नहीं मिली दूसरी क़िश्त

राष्ट्रनायक प्रतिनिधि।

दाउदपुर (सारण) इंदिरा आवास की पहली किस्त के बाद पिछले 6 वर्षो में अबतक लाभुकों को दूसरी क़िस्त नही मिली। लाभुक पंचायत से लेकर प्रखंड कार्यालय उसके बाद  अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण तक का दरवाजा खटखटाया। फिर भी उन्हें हाथ निराशा ही लगी। मामला मांझी प्रखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत राज जैतपुर की है। जहाँ वितीय वर्ष  2014 -15 में  करीब आधा दर्जन से अधिक लाभुकों को इंदिरा आवास की पहली किस्त मिलने के बाद आवास का कार्य शुरू किया। दूसरी क़िस्त के इंतजार इतनी लंबी हुई कि अपने आशियानों को लाभुक छत तक भी करवाया।लेकिन विभागीय कर्मचारी से लेकर पदाधिकारी की  घोर लापरवाही कहे या कार्य शिथिलता की वजह लाभुक अपने किस्तो के लिए आवेदक बन गए। लेकिन उनकी राशि कहा अटक गया किसी को मालूम नही। वहीं  आवास के लाभुक पंचायत के मौजूदा व पूर्व मुखिया से बराबर अपनी किस्तो की मांग करते और प्रखंड अनुमंडल कार्यालय की दौड़ लगा रहे है। बताते चले कि लाभुकों में जैतपुर गांव निवासी खलील मियां, समशेर साई, जलील साई, काशिम मियां, सकीला खातून, असगरी खातून , आयशा खातून, अमना बीबी, गीता देवी, जमीला बेगम  आदि ने इसकी शिकायत 4 अप्रैल 2019 को जिला समाहर्ता सारण को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन देकर अपनी पूर्ण राशि क़िस्त की मांग की। वही इस संदर्भ में आवेदक ने अनुमंडल लोक शिकायत निवारण छपरा में जनवरी 2019 में पंजीयन संख्या 517110104011901334 पर परिवाद दाखिल किए। जो प्रखंड विकास पदाधिकारी मांझी के द्वारा प्रतिवेदन के आधार पर किया गया। लाभुकों का आरोप था कि मांझी कार्यालय से जो प्रतिवेदन दिए गए उनमें एक लाभुक को आवास की दूसरी क़िस्त भेजी गई। अन्य लाभुकों को वेबसाईट बन्द होने का कारण जताया गया। जो झूठा है। ऐसा लगता है कि अन्य लाभुकों के परेशान करने की नीयत से राशि का स्तानतारण नही किया गया। जिससे आवेदक आज भी असंतुष्ट है । इस संदर्भ में पंचायत के पूर्व मुखिया जय प्रकाश साह ने बताया कि बिहार सरकार एक तरह भूमिहीन गृह हीन  लोगो के लिए आवास देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। आशा है जिलाधिकारी महोदय इस लाभुकों की आपबीती ब्यथा को गंभीरता पूर्वक लेने का काम करेंगे।इससे उन आसय गरीब परिवार के जीवन यापन में बल प्रदान करेगा। वही मुखिया श्री साह ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रखंड कार्यालय से डेटा नही मिलने का कारण बताया जाता है। जिससे इन लाभुकों के किस्तों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। आवेदक का उचित न्याय दिलाने की कृपा किया जाय।