ग्रेटर पटना रिंग रोड” दिघवारा– शेरपुर सिक्सलेन पुल के निर्माण को लेकर गजट प्रकाशन के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल
अनुज प्रतिक की रिर्पोट। राष्ट्रनायक प्रतिनिधि।
दिघवारा (सारण)। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना “ग्रेटर पटना रिंग रोड” का अहम भाग (दिघवारा- शेरपुर सिक्सलेन) पुल के निर्माण को लेकर गजट प्रकाशन के बाद क्षेत्रवासियों में एक ओर जहाँ खुशी का माहौल व्याप्त है वहीं इसके भूमिअधिग्रहण की प्रकिया पर भी सवालिया निशान लग रहे है। विदित हो कि नगर पंचायत दिघवारा के फोर लेन से होते हुए मीरपुर भुआल के झझिया डगर रोड एवं गुप्तेश्वर नाथ रोड होकर गंगा नदी पर बनने वाले इस पुल के लिए जहाँ उक्त दोनों रोड के किनारे की जमीन को अधिग्रहित करने का प्रस्ताव है वहीं प्रकशित गजट में सड़क के दोनों ओर की भूमि को कृषि भूमि दर्शाया गया है। जबकि नगर पंचायत दिघवारा के द्वारा 2016 पारित आदेश के अनुसार पूरे नगर क्षेत्र में कोई भी जमीन कृषिभूमि नही है। यहाँ क्रमशः आवासीय, व्यवसायिक, एवं विकासशील तीन ही किस्म की भूमि है। और 2016 के बाद से ही नगर क्षेत्र के किसी भी जमीन की खरीद बिक्री कृषि भूमि के नाम से नहीं हुई है। जबकि जिलाधिकारी सारण की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय कमेटी ने मार्च 2020 में उक्त तीनों श्रेणियों को और भी स्पष्ट करते हुए आदेश पारित कर यह बात साफ कर दिया है कि नगर क्षेत्र में ऐसी कोई भी जमीन जिसमे चार पहिया वाहन का प्रवेश हो सकता है चाहे वह कच्छी ही क्यों न हो वह मुख्य सड़क के मूल्यांकन में आएगी। और ऐसे में उसे या तो आवासीय या व्यावसायिक क्षेणी में माना जाएगा। ऐसे में भू अधिग्रहण के संबंध में प्रकाशित गजट में बड़े पैमाने पर सड़क किनारे की जमीन को कृषि भूमि घोषित करने पर स्थानीय बहु स्वामियों में खासा नाराज़गी देखने को मिल रहा है। भूस्वामियों के अनुसार जब हम जमीन खरीदते है तो हमे आवासीय या व्यावसायिक में से किसी एक क्षेणी का ही टैक्स सरकार को देना होता है तो जब सरकार हमारी पुल निर्माण के लिए लेगी तो हमे कृषि भूमि के रूप में भुगतान कैसे कर सकती है। इस विषय को लेकर स्थानीय पत्रकार व भूस्वामी अनुज प्रतीक ने भी पिछले दिनों बिहार सरकार के राजस्व मंत्री राम सूरत राय से मिलकर इस समस्या को रखते हुए जिलाधिकारी सारण की अध्यक्षता वाली अनुशंसा एवं नगर पंचायत द्वारा निर्धारित भूमि के प्रकार से संबंधित आदेश की प्रति भी उन्हें उपलब्ध कराया था। जिस पर श्री राय ने अपने विभाग की ओर से अपेक्षित सहयोग की बात भी कही थी। वहीं गजट में प्रकाशित आदेश के अनुसार सोमवार को अनुज प्रतीक सहित कुछ भू स्वामियों ने छपरा भूअर्जन कार्यालय में प्रमाणित साक्ष्य के साथ लिखित आपत्ति दर्ज कराया है। बहरहाल देखना यह देखना दिलचस्प होगा कि भूस्वामियों की मेहनत कितना रंग लाती है।


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