नोयडा में फंसे युवकों को विधायक के प्रयास से उपलब्ध हुआ राशन
- विधायक ने आपदा प्रबंधन के सचिव प्रत्यय अमृत को साधुवाद दिया
जलालपुर(सारण)। मांझी विधानसभा क्षेत्र के सोहई गाजन तथा मझौली गांव के सत्तर से अधिक मजदूर यूपी के नोयडा में फंसे हुए हैं। कंपनी बंद होने के बाद उन्हें पगार भी नहीं मिला। लाकडाउन होने की वजह से वे कमरे में ही थे। उनके पास खाने के लिए राशन भी नहीं था। वे लाकडाउन के दौरान ही घरों से निकल गए थे। सभी मजदूर सड़क के किनारे ही पड़े हुए थे। ये सभी मजदूर यूपी के गौतमबुद्ध नगर जिले के बिट्टा थाने के रामपुर गांव में एक कंपनी में काम करते थे। बेबस मजदूर बिरजू महतो ने मांझी विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय शंकर दूबे से मोबाइल पर संपर्क किया। विधायक ने तुरंत दिल्ली में स्थानीय आयुक्त विपिन कुमार से संपर्क साधा। कार्रवाई में देरी होता देख विधायक ने आपदा प्रबंधन के सचिव प्रत्यय अमृत से मोबाइल पर बात करके बिहारी मजदूरों के साथ व्यवहार के बारे में बताया। विधायक एवं सचिव श्री अमृत ने तुरंत यूपी के कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर से संपर्क साधा तथा कहा कि मजदूरों को ठहरने का व्यवस्था करने के साथ-साथ खाने-पीने का भी इंतजाम करने का निर्देश दिया। उसके बाद यूपी प्रशासन हरकत में आया। सभी भूखे मजदूरों को स्थानीय प्रशासन के लोगों ने आनन-फानन में खाने के पैकेट के साथ-साथ राशन भी उपलब्ध कराया। वहां फंसे मजदूरों में भरदुल राय,धनंजय कुमार यादव, जितेंद्र प्रसाद, धर्मेंद्र शर्मा, मैनेजर महतो, दीपक कुमार, राजन कुमार, मेघनाथ साह, रामाजीत महतो, अनुप कुमार महतो, ललन महतो, गोलू कुमार, योगेश्वर महतो, नितेन्द्र महतो, गोरख महतो, रमण महतो, महाजन यादव सहित सत्तर से अधिक मजदूर शामिल है। विधायक श्री दूबे ने बताया कि सभी मजदूरों को एक-एक हजार रुपये भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव प्रत्यय अमृत की भूरि-भूरि प्रशंसा भी की।


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