लापरवाही: पीएचसी में बंध्याकरण कराने के बाद भी महिला ने बच्चे को दिया जन्म
संजीव कुमार शर्मा की रिर्पोट। राष्ट्रनायक प्रतिनिधि।
मांझी (सारण)। मांझी पीएचसी में बंध्याकरण कराने के बाद भी डुमरी गांव की एक महिला ने गर्भधारण कर बच्चे को जन्म दिया है। वहीं पहले से उनके तीन बच्चे थे। चौथे पुत्र के जन्म लेने के बाद उनकी संख्या चार हो गई है। बंध्याकरण में डॉक्टर की लापडवाही मानते हुए गरीब दम्पति ने स्वास्थ्य विभाग को आवेदन देकर नियमानुसार भरण-पोषण सहायता प्रदान करने की गुहार लगाई है। जिसको लेकर महिला अपने पति के साथ कई बार स्वास्थ्य केंद्र का पांच माह से चक्कर लगा चुकी है। मगर उनकी बात अनसुनी की जा रही है। आवेदन के अनुसार डुमरी गांव निवासी कन्हैया ठाकुर की पत्नी का बंध्याकरण विगत 25 जनवरी को मांझी स्वास्थ्य केंद्र में किया गया था। पेट मे दिक्कत महसूस होने पर जब उसने छपरा में अल्ट्रा साउंड कराया तो पता चला कि वह गर्भवती है। 29 सितंबर को महिला ने पुत्र को जन्म दिया है। कन्हैया ठाकुर ने बताया कि पेट मे दर्द रहने के कारण पत्नी व बच्चे का भी इलाज छपरा में अलग-अलग डॉक्टर के पास चल रहा है। जिनमे अभी तक करीब 40 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। इधर मांझी स्वास्थ्य केंद्र की ओर से अभी तक कोई सहायता नही मिली है। इस सम्बंध में जब जानने की कोशिश की गई तो स्थानीय चिकित्सा प्रभारी से सम्पर्क नही हो सका।


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