मशरक में धूमधाम से मनाई नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती
पंकज कुमार सिंह की रिर्पोट। राष्ट्रनायक प्रतिनिधि।
मशरक (सारण)। प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर शनिवार को कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यालयों में सुभाष चन्द्र बोस की जयंती हर्षोल्लास से कोरोना गाइड लाइन में मनाई गई। नेताजी के विचारों व उनके जीवन से जुड़ी संघर्षशील घटनाओं को प्रदर्शित किया गया। बहादुरपुर और जनता मध्य विद्यालय गोढ़ना में प्राचार्या व अन्य शिक्षकों द्वारा नेता जी के चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित की गई।जनता मध्य विद्यालय गोढ़ना में प्रधानाचार्य निर्मला कुमारी ने नेता जी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर रोशनी डालते हुए बताया कि 16 जनवरी 1941 में अंग्रेजों की कैद से निकलकर काबुल में उत्तम चंद्र मल्होत्रा के निवास पर 46 दिन रूकने के बाद जर्मन पहुंचकर मि. रूडोल्फ हिटलर से मुलाकात की तथा भारत की आजादी की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आजाद हिंद फौज ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह को जीतकर वहां तिरंगा फहराया था। अध्यापक गोपाल जी ने छात्रों को बताया कि नेता जी मात्र 23 वर्ष की आयु में आइसीएस की परीक्षा में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में चौथा स्थान प्राप्त करने के उपरांत देश सेवा हित में नौकरी से त्याग पत्र देकर भारत की आजादी में कूदे थे।वही रामपुर अटौली उच्च विद्यालय के वरिष्ठ सेवा निवृत्त शिक्षाविद् पूर्व प्राचार्य प्रेमचंद ने अपने पैतृक आवास मशरक पूरब टोला में उनके सम्मान में उन्हें याद किया गया।


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