अंतिम चरण का संकुल समन्वयकों का प्रशिक्षण समाप्त

राष्ट्रनायक प्रतिनिधि।
गड़खा (सारण)। मध्य विद्यालय चैनपुर-भैसवारा गड़खा में संकुल समन्वयकों का जिला स्तरीय एक दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण चार चरणों के साथ समाप्त हो गया। इस प्रशिक्षण में ऑडियो विजुअल माध्यम से विद्यालय शिक्षा समिति के गठन से लेकर उसकी समस्त भूमिकाओं के विषय मे चर्चा की गई है। सरकार एवं शिक्षा विभाग का मानना है कि विद्यालय के विकास एवं रख-रखाव में समुदाय का सीधा सहयोग होना चाहिए । एक आदर्श विद्यालय या वीएसएस वही है, जहाँ पर विद्यालय के विकास की योजनाओं के निर्माण से क्रियान्वयन तक में अभिभावकों की सीधी सहभागिता होती है। केवल विद्यालय प्रबंधन या समुदाय अकेला बहुत कुछ नही कर सकता पर दोनों का सहयोग मिल जाय तो कुछ भी असंभव नहीं होगा। बिहार शिक्षा परियोजना निदेशक संजय सिंह , प्रबुद्ध शिक्षक ,संकुल समन्वयक ,प्रखंड साधन सेवी एवं अन्य परियोजना कर्मियों ने वीडियो के माध्यम से विद्यालय शिक्षा समिति के महत्त्व पर विस्तृत प्रकाश डाला ।इस प्रशिक्षण से तो एक बात तय हो गयी कि यदि विद्यालय को गांव एवं समुदाय से जोड़ दिया जाय तो सपनों के विद्यालय का सच होना दूर नहीं। इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में परियोजना कर्मी मनोज कुमार एवं सरफराज जी ने समय-समय पर वीडियो को पॉज कर प्रश्नोत्तरी के माध्यम से प्रतिभागियों को समझाने का प्रयास किया । इस मौके पर समग्र शिक्षा सारण के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी राजन कुमार गिरि ने सभी संकुल समन्वयकों को इस अपेक्षा के साथ धन्यवाद दिया कि अपने संकुल में जाकर एक संकुल स्तरीय मास्टर ट्रेनर की भूमिका में प्राप्त प्रशिक्षण का सदुपयोग करें और एक आकर्षक विद्यालय निर्माण में समुदाय की सभागिता सुनिश्चित करें । इस अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत हेडमास्टर अखिलेश्वर पाठक, शशि कान्त भारती, लाल चंद दास, विजय कुमार सिंह, प्रभावती मिश्रा, मीरा कुमारी, प्रीति बाला,आदि उपस्थित थे।


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