आत्मसमर्पण के बाद दोनों अभियुक्तों को पुलिस ने रिमांड पर
मांझी (सारण)। मांझी पुलिस ने विगत एक साल के बाद अपहरण के मामले का उद्भेदन कर लिया है। अपहरण के मामला हत्या में बदल गया। हांलकि उसकी शव या कंकाल अभी तक बरामद नहीं हो सका है। लेकिन पुलिस ने एक देशी कट्टा बरामद कर लिया है।पुलिस दविश के कारण नामजद अभियुक्तों ने व्यवहार न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया।आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने दोनो को रिमांड पर लेकर इस कांड की गुथी सुलझा ली है। दोनों नामजद अभियुक्तों ने पुलिस को इस कांड में संलिप्त कई लोगों के होने के साथ साथ जिस देशी कट्टा से गोली चली थी। उस कट्टा को सिंगही सिगही गांव के चंवर से पुलिस ने बरामद किया। मालूम हो कि 9 फरवरी 2020 को फुलवरिया गांव निवासी दिवाकर राय ने अपने पुत्र राजा राय के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इस मामले में ताजपुर निवासी अंकित सिंह तथा रवि कुमार सिंह को नामजद अभियुक्त बनाया था। एक साल के कारवाई नहीं होने पर दिवाकर राय ने उच्च न्यायालय की शरण ले ली। उसके बाद थानाध्यक्ष ओम प्रकाश चौहान ने खुद केश के अनुसंधान का प्रभार लेकर अनुसंधान में जुट गए। उसके बाद मोबाइल लोकेश तथा सीडीआर खंगालने के बाद नामजद अभियुक्तों पर दबिश देने लगे। आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस ने दोनों को रिमांड पर लिया। रिमांड पर लेने के बाद दोनो ने पुलिस को बताया कि तीनो सिंगही गांव गए गांव में तिलकोत्सव में अचानक गोली चलने लगी। उसके बाद पुलिस वहां पहुच गयी। उसके बाद हम तीनों गांव के चंवर में चले गए जहा सिगरेट जलाने के कारण अचानक गोली चल गई और राजा राय को लग गयी जिससे उसकी मौत हो गई। उसके बाद दोनों ने अपने मामा व रिस्तेदार को बुला कर लाश को ठिकाना लगा दिया। उसके बाद दो कार्टून शराब लेकर बनियापुर चले गए। वहां पुलिस के पकड़ लिया और दोनों जेल चले गए। जेल जाने के बाद अपहरण के मामले का खुलाशा नही हुआ। एक साल बाद मामले का खुलासा साथ ही पुलिस ने एक कट्टा भी बरामद किया है।


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