राष्ट्रनायक न्यूज।
छपरा (सारण)। संविधान के शिल्पकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का योगदान राष्ट्र निर्माण में अविस्मरणिय है। उनके तीन नारों – शिक्षित बनो, संगठित हो, संघर्ष करो को यदि समाज में अमलीभूत किया जाय तो समाज के विकास में गतिशीलता चहु ओर व्याप्त हो सकता है। उन्होंने न केवल नारा दिया बल्कि इन नारों पर स्वयं भी अमल कर देश में एक मिसाल किया। पुना समझौता के माध्यम से समाज के सबसे निचले पायदान पर खडे़ लोगों के हक अधिकार की एक पहचान बनाई, फिर संघर्ष का रास्ता भी प्रशस्त किया।
महिलाओं की दुर्दशा पर भी उन्होंने न केवल कलम चलाई बल्कि उनके उत्थान के लिये संघर्ष भी किया। संविधान में पंथनिर्पेक्क्षता के महत्व को स्थापित करते हुए उन्होने सभी धर्म साम्प्रदाय के लोगों को मिल कर राष्ट्र निर्माण का संदेश भी दिया। आज हमारा संविधान ही है जिसके बदौलत हमें अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त हो रही है जो एक इन्सान की सबसे बडी़ पूँजी होती है। अतः आज संविधान की रक्षा में हम सभी को सारा भेद भाव भूला कर आगे आना होगा। उपरोक्त बातें माकपा की जिला कमिटी द्वारा आयोजित डॉ. भीमराव अम्बेडर की जयन्ती समारोह को सम्बोधित करते हुए माकपा राज्य सचिवमंडल सदस्य अहमद अली ने उद्घाटन करते हुए कही। अध्यक्षता वीरेन्द्र सिंह ने किया। समारोह का आरम्भ डॉ. अम्बेडकर के तैलीय चित्र पर पुष्पांजली के साथ हुआ। वहीं संविधान की रक्षा को लेकर संकल्प लिया गया। मौके पर लक्ष्मण कुमार, राकेश रंजन, एस एफ आई के राज्याध्यक्ष शैलेन्द्र यादव, करिश्मा कुमारी, गुलशन अली, बादल कुमार, उमेश यादव,ललनजी, रतन सिंह, विकास तिवारी, रोहित रमन सिंह, शिवलाल राम, अरविन्द कुमार राम, नीरज कुमार राम, दिलिप कुमार राम आदि ने किया।



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