गड़खा में साढ़े 92 लाख की लागत से बनी पुल 4 महीने में हुई ध्वस्त, सिस्टम बेफिक्र
मुरारी स्वामी की रिर्पोट। राष्ट्रनायक न्यूज।
गड़खा(सारण) सरकार गांव-गांव में सड़क का जाल बिछाने में लगी है, सड़क के साथ पुल का निर्माण भी करा रही है। ताकि निर्वाध रूप से आवा-गमन सुगम किया जा सके। लेकिन सरकारी बाबूओं एवं संवेदकों के लापरवाही के कारण सड़क एवं पुल निर्माण के अवधि के पहले हीं ध्वस्त हो जा रहा है। जानकारों कीे माने तो यह सभी सड़क एवं पुल कमीशनखोड़ी की भेंट चढ जा रही है। आलम यह है कि अभी भी 50% ग्रामीण इलाकों में सड़के नहीं बन पाई है। सबसे बड़ी बात यह है कि जहां सड़के बनी भी है 6 माह के अंदर ही गिट्टी बालू अलग हो पुनः जर्जर स्थिति में हो जा रही है। इसमें जितना दोषी ठेकेदार और अधिकारी हैं, उससे कम स्थानीय पब्लिक भी नहीं है, क्योंकि ग्रामीणों के चुप्पी के कारण घटिया मटीरियल से सड़के बनाई जा रही है और सड़क के पुनः तुरंत टूट भी रही हैं। इसकी सबसे ज्यादा खमजियाना स्थानीय लोगों को ही भुगतनी पड़ रही है। ताजा मामला गड़खा प्रखंड के रामपुर पंचायत अंतर्गत इस्माइलपुर का है। जहां पर डेढ़ किलो मीटर से भी कम दूरी की सड़क साढ़े 92 लाख में बनी और बनने के बाद टूटने भी लगी। यह सड़क गांव या मुख्य मार्ग में नहीं बल्कि चवँर में बना है।जहां पर गाड़ियों का आवागमन नहीं के बराबर होती है। कई लोगों का कहना है कि सड़क बरसात के पुल बरसात के कारण टूट गई है। पास ही में लगे बोर्ड पर सड़क को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली सड़क रामपुर, रुस्तमपुर होते हुए दलित बस्ती तक पहुंचती है। जिसकी लंबाई 1.3 किलोमीटर एवं लागत खर्च 92 लाख 67 हजार रुपये, 5 साल की रख रखाव की राशि 37 लाख 97 हजार एक सौ लिखी हुई है। कार्य शुरुआत की तिथि 31 दिसंबर 2018 व समाप्ति की तिथि 30 दिसंबर 2019 तथा संवेदक सन्तोषी सिंह लिखी हुई है। अब देखना ये की इस मामले में क्या करवाई होती हैं।



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