एक देश हमारा।
एक ही धरती,
एक गगन है,
एक है देश हमारा,
एक हिमालय
एक ही गंगा
एक ही भेष हमारा।
इस धरती पर
मंदिर मस्जिद
और गिरिजा गुरुद्वारा
प्रेम करो सब जीवों से
यही संदेश हमारा,
दे पाये जो सबको
खुशियां ऐसे फूल खिलाये
मिलजुल कर बांटेंगे सुख दुख
सबको गले लगाये,
यही प्राणेश हमारा।
एक ही देश हमारा।
सूर्येश प्रसाद निर्मल शीतलपुर, तरैया।


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