राष्ट्रनायक न्यूज।
छपरा (सारण)। जिला राजद प्रवक्ता हरेलाल यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि एक तरफ सारण जिले की जनता कोरोना जैसी भयानक बिमारी से ग्रस्त होकर दवा, ऑक्सीजन, बेड, एम्बुलेंस और वेंटिलेटर के अभाव में तड़प-तड़प कर मर रही है। वहीं जिले में एक मात्र संजीवनी नर्सिंग होम एवं मेटरनिटी सेंटर के निदेशक व छपरा के सुप्रसिद्ध डॉक्टर अनिल कुमार अपनी पूरी टीम के साथ जिले के कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए संजीवनी बने हुए हैं।
राजद प्रवक्ता ने बताया कि जहां पूरे छपरा शहर के निजी अस्पताल चलाने वाले डॉक्टर इस कोरोना महामारी में अपने क्लीनिक का शटर बन्द कर खुद अपनी प्राण बचा रहे हैं। वहीं डॉ अनिल कुमार अपने अस्पताल में 14 बेडों का अलग कोरोना वार्ड बना कर बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर से सुसज्जित अपनी पत्नी व प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेसज्ञ डॉ संजू प्रसाद के साथ दिन-रात एक कर कोरोना संक्रमितों का प्राण बचा जिले में एक सच्चे मानवता का मिशाल पेश कर रहे हैं। राजद प्रवक्ता ने बताया कि कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के परिजनों को खाने व ठहरने में कोई परेशानी न हो इसके लिए दोनों समय निःशुल्क संजीवनी रसोई घर के माध्यम से चावल, दाल, सब्जी, पापड़, अचार की भी व्यवस्था किया गया है, जो सराहनीय है।
विदित हो कि डॉ अनिल कुमार के पुत्र डॉ विशाल कुमार, पुत्री डॉ नेहा कुमारी एमबीबीएस की उपाधि लेकर एनएमसीएच अस्पताल पटना में कोरोना मरीजों की सेवा कोरोना वरियर्स के रूप में कर रहे हैं। जो काबिले तारीफ़ है। डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप कहा जाता है। काश शहर के अन्य चिकित्सक भी डॉ अनिल कुमार का अनुसरण कर इस महामारी में जरूरत मन्द लोगों की मदद सेवा भावना से करते तो न जाने कितने लोगों की जान आज बच जाती।


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