सब्जी उत्पादकों के पेट पर प्रशासनिक कहर, फोरलेन पर भी थोक बिक्री बंद, किसानों का त्राहिमाम संदेश
- अपना व ठेका- बटाई लेकर सब्जी उत्पादकों की दुकानदारी बंद
राणा परमार अखिलेश।दिघवारा
छपरा(सारण)। जिला का मुख्य सब्जी उत्पादक क्षेत्र दिघवारा, दरियापुर, दियारा क्षेत्र अकिलपुर, दुधिया, सलहली, रामदासचक आदि गांवों के अलावा चकनूर, मटियान,सज्जन पुर भैरोपुर, मानपुर,मुजौना आदि गांवों के सब्जी उत्पादकों की पेट इस बार प्रशासनिक लात पड़ा है। बहरहाल, फोरलेन पर लग रही, सब्जियों के थोक विक्रेताओं को रोड पर मंडी लगाने पर पुलिस कप्तान के फरमान से त्राहिमाम-त्राहिमाम कह रहे हैं, किसान।
गत गुरूवार तक क्रेता व विक्रेताओं की चहल-पहल आज फोरलेन विरान हो गया। दिघवारा पुलिस बल और थानाध्यक्ष मिहिर कुमार ने तो साफ कह दिया कि बाजार में कैरोना ब्रेक डाउन के तहत फिज़िकल डिस्टेंश मेनटेनेश जब इन सब्जियों के थोक विक्रेताओं ने पालन नहीं किया तो गुप्तेश्वर महादेव मंदिर रोड पर सब्जियों के विक्रय व क्रय स्थान दिया गया। किंतु वहाँ भी वहीं हाल रहा यहाँ तक कि मारपीट तक होने लगीं। फिर उन्हें फोरलोन पर निर्धारित किया गया फिर वहाँ भी मारपीट व फिज़िकल डिस्टेंश मेनटेनेश का पालन नहीं किया गया। फिर तो जिला पुलिस अधीक्षक ने रोड पर सब्जियों के विक्रय व क्रय को प्रतिबंधित कर दिया। जबकि सब्जी उत्पादकों व क्रेता- बिक्राओं के अनुसार मारपीट की घटना मधुकाॅन के मिक्सी परिसर में हुई, सब्जी विक्रेताओं, डंडीदारों और पल्लेदारों व क्रेताओं से नहीं। बहरहाल, पुलिस कप्तान ने तुगलकी फरमान किसानों के अरमान को कुचलने के लिए काफी है।
बताते चलें कि दिघवारा बाजार में जिला परिषद व रेल के किराए की दुकानों की बंदोबस्ती के मापतोल अनुज्ञाधारी सब्जी उत्पादकों का विक्रय केंद्र दिघवारा बाजार में करीब करीब एक दर्जन है। कुछ मौसमी विक्रेता हैं जो निजी व किराए की जमीन व मकान में थोक विक्रय करते हैं। उत्पादित सब्जियां दिल्ली, हरियाणा पूर्वी उत्तर प्रदेश,बंगाल, झारखंड, ओडिसा तक निर्यात होती है। विशेष कर सहजन जो अब पेड़ों की शोभा बढ़ा रहे हैं। लौकी, पटल ,नेनुआ, करेला,भिंडी, बरबट्टी, हरा धनिया, बैगन, टमाटर आदि अब तो जानवरों के आहार बनने को हैं। इस संबंध में सब्जी उत्पादकों ने सांसद राजीव प्रताप रूडी व स्थानीय विधायक से पहल की मांग की है। सब्जी उत्पादकों के अनुसार यदि फोरलेन पर भी सब्जी बेचना गुनाह है और बाजार में आपने दुकानों पर नहीं बेंच सकते तो फिर सड़कों पर ही फेंकना एकमात्र विकल्प होगा। कैरोना ब्रेक डाउन में हम सभी किसान सरकारी निर्देशों के पालन कर रहे है,गेहूँ सहित अन्य रबी फसलों की बर्बादी हुई जिसके लिए सरकार ने 575 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। क्या हमारी सब्जियों की बर्बादी के लिए सरकार क्षति पूर्ति करेगी? यदि हाँ तो हम सब खेत में फसलें छोड़ दें गे। यदि नहीं तो सब्जियों के विक्रय व क्रय के लिए अनुज्ञा दें अनुमंडलाधिकारी, सोनपुर।


More Stories
मुख्यमंत्री का अमर्यादित हरकत और शर्मनाक समर्थन
छपरा सदर प्रखंड के महाराजगंज पंचायत भवन में होगा विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन
प्रत्येक गुरुवार को जिलाधिकारी उद्यमियों के साथ करेंगे संवाद, उनकी समस्याओं को दूर करने के लिये एवं उद्यम विकास के लिये किया जायेगा सक्रिय सहयोग