- बनियापुर एनएच 331 पर शनिवार को जर्जर सेमल के पेड़ की टहनी गिरने से हाफिजपुर निवासी 21 वर्षीय युवक की हुई थी मौत
- सूखे पेड़ की डाली कमजोर होने की वजह से गाहे- बगाहे हवा की झखोरों एवं खुद-बखुद भी गिरती जा रही है स्थानिय व राहगिरों में बना है भय का माहौल
- प्रशासन की सुस्ती को ले स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
संजय कुमार सिंह की खास रिपोर्ट। राष्ट्रनायक नयूज।
बनियापुर (सारण)। मुख्य बाजार बनियापुर स्थित प्रखण्ड मुख्यालय के समीप एनएच 331 पर शनिवार को जर्जर सेमल के पेड़ की टहनी गिरने से हाफिजपुर निवासी 21 वर्षीय युवक संतोष उपाध्याय की मौत हो गई थी। बावजूद इसके घटना के 36 घंटे बीतने के बाद भी जर्जर पेड़ को काटकर सड़क से हटाने को लेकर न तो वन विभाग द्वारा न ही स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई ठोस पहल की गई।जिसको लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।मुख्य बाजार के दर्जनों दुकानदारों ने बताया कि चक्रवात की वजह से बिगत तीन दिनों से बरसाती मौसम बना हुआ है। ऐसे में सूखे पेड़ की डाली कमजोर होने की वजह से गाहे- बगाहे हवा की झखोरों एवं खुद-बखुद भी गिरती जा रही है। जिससे हर समय भय का माहौल बना रहता है।
पेड़ की टहनी गिरने से पूर्व में भी हो चुका है, हादसा:
स्थानीय लोगो ने बताया कि गत 22 मई को भी सेमल की डाली गिरने से बसतपुर निवासी अनिल साह का कर्कटनुमा होटल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। वही दुकान स्वामी भी डाल की चपेट में आने से जख्मी हो गए थे। जिससे वन विभाग और प्रशासन ने कोई सबक नही लिया। स्थानीय मुखिया नागेंद्र प्रसाद ने बताया कि सेमल का पेड़ काफी पुराना है। जिसकी कई डाली पुरी तरह से सुख चूकि है।ऐसे में पेड़ के इर्दगिर्द में कई दुकानें है। जहाँ हर समय किसी अनहोनी घटना की आशंका बनी रहती है।जिसको लेकर गत वर्ष नवंबर महीने में वन-विभाग और अंचलाधिकारी को भी मामले से अवगत कराया गया था। वही गत 22 मई की घटना के बाद भी स्थानीय थाना से लेकर अंचल कार्यालय तक को जानकारी दी गई थी। जिसके बाद अंचलाधिकारी स्वामीनाथ राम द्वारा वन-विभाग के पदाधिकारी से पत्राचार भी की गई।मगर अबतक सूखे पेड़ हटाने को लेकर कोई निष्कर्ष नही निकल सका है।
हादसों को निमंत्रण दे रहा मुख्य बाजार पर स्थित आधा दर्जन विशाल पेड़:
स्थानीय लोगों ने बताया कि मुख्य बाजार बनियापुर में सड़क के किनारे आधा दर्जन से अधिक पुराने विशाल पेड़ सड़क के किनारे सूखे पड़े है। जो हर समय हादसों को निमंत्रण दे रहे है। बार-बार हो रही छोटी-बड़ी घटनाओं के बाद भी प्रशासन द्वारा अबतक सबक नही लिया गया। ऐसे में समय रहते इन पेड़ों को सड़क से नही हटाया गया तो किसी दिन बहुत बड़ी घटना हो सकती है। मुख्य बाजार की बात करे तो प्रखण्ड मुख्यालय के अलावे बनियापुर तीनमुहनी पर भी इमली का एक बहुत विशाल पेड़ है। जिसके कई हिस्से जर्जर हो चुके है। जबकि पेड़ के इर्द-गिर्द में दर्जनों दुकानें स्थित है।बुद्धिजीवी वर्ग के लोगो का कहना है विभागीय स्तर पर पेड़ की कटाई होने से सरकार को भी राजस्व की प्राप्ति होगी।
स्थानीय लोगों द्वारा अबिलम्ब पेड़ कटवाने की मांग हुई तेज:
संत गोविंद जी महाराज,बृजमोहन सिंह,राजू यादव,विवेक कुमार द्विवेदी, शंकर सिंह,गोरख प्रसाद, पंकज कुमार सिंह, संतोष रस्तोगी सहित दर्जनों दुकानदार घटना के बाद काफी मुखर दिखे।सभी लोगों द्वारा एक स्वर में स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से अबिलम्ब पेड़ कटवाने की मांग की गई है। ताकि घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।उपस्थित लोगों का कहना है कि प्रखण्ड मुख्यालय से लेकर बैंक और विद्यालय तक पेड़ के इर्द गिर्द में स्थित है। जिसको लेकर हर समय सैकड़ो लोगों का आना जाना लगा रहता है। ऐसे में लोगों की जान माल की सुरक्षा को लेकर अबिलम्ब पेड़ को नहीं कटवाया गया तो लोग आंदोलन करने पर बाध्य हो जाएंगे।
क्या कहते है,पदाधिकारी:
इस संबंध में अंचलाधिकारी स्वामीनाथ राम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पेड़ कटवाने को लेकर वन- विभाग उदासीन बना हुआ है। विभाग द्वारा लेबर खर्च देने में भी असमर्थता जताई जा रही है। बावजूद इसके स्थानीय व्यवस्था के तहत सोमवार से पेड़ की कटाई प्रारंभ की जाएगी।जिसके लिये पेड़ के आसपास में स्थित सभी दुकानदारों को बुलाकर तत्काल प्रभाव से प्रभावित एरिया को खाली करने के लिये सूचित किया गया है।



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