- गंडक के बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी, लोगों का पलायन शुरू
राष्ट्रनायक न्यूज।
तरैया (सारण)। पिछले एक सप्ताह से हो रही लगातार बारिश एवं नेपाल द्वारा वाल्मीकिनगर बराज से काफी मात्रा में छोड़े गए पानी से गंडक नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तरैया प्रखंड के तीन पंचायतों के लगभग दस गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। सारण तटबंध के निचले इलाकों में बसे माधोपुर पंचायत के सगुनी, राजवाड़ा, शामपुर, अरदेवा, जिमदाहा, बनिया हसनपुर, एवं माधोपुर बड़ा का कुछ इलाका, डुमरी पंचायत के फरीदनपुर एवं शीतलपुर गांव तथा चंचलिया पंचायत के चंचलिया दियरा समेत पूरे दियरा क्षेत्रों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। जिससे सैकड़ों घर प्रभावित हो गए हैं, जिससे लोग पलायन को मजबूर हो गये हैं। लोग अपने जरूरी सामानों एवं मवेशियों के साथ सारण तटबंध पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। सारण तटबंध के निचले इलाकों के सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें व धान के बिचरे पानी मे डूब गई है। पूरा इलाका जलमग्न हो गया है। जिससे मवेशियों के समक्ष चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस बीच सारण तटबंध से अन्य गांवों को जानेवाली सड़क पर दो से तीन फुट पानी का बहाव हो रहा है, जिससे इन गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। माधोपुर पंचायत भवन के पास लगभग पांच-छः फीट तक पानी बह रहा है। माधोपुर पंचायत के मुखिया सह मुखिया संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह ने कहा कि मेरे पंचायत के अधिकतर गांव निचली इलाकों में बसा हुआ है। गंडक में जलस्तर वृद्धि के साथ बाढ़ जैसे समस्या उत्पन्न हो जाता है। अधिकारी इस बात से वाकिब थे कि बाढ़ आयेगा फिर भी कोई व्यवस्था नहीं कि गई। अपने स्तर से नाव की व्यवस्था करना पड़ा रहा हैं। सरकार के तरफ से जल्द ही प्रभावित लोगों को तिड़पाल एवं सूखा राशन की व्यवस्था किया जाए।


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