राष्ट्रनायक न्यूज।
मांझी (सारण)। कृषि विज्ञान केंद्र मांझी में आंगनबाड़ी केंद्रों पर “पोषण वाटिका का आकार” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण गुरुवार सम्पन्न हो गया। प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ अभय कुमार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण वाटिका लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं कार्य्रकम में विभिन्न विषयों के वैज्ञानिकों ने कई उपयोगी जानकारी दी। डॉ तनुजा जुकरिया ने कुपोषण मिटाने के पौष्टिक तत्वों से भरपूर पौधों की खेती पर जोर दिया। वहीं डॉ सौरभ ने वैसे पौधों व फसलों से होने वाले आर्थिक व पोषण सम्बंधी लाभ एवं पोषण वाटिका लगाने के आसान तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ सुरेंद्र ने क्यारी में किट एवं रोग प्रबंधन की चर्चा करते हुए जैविक उत्पादन एवं पारंपरिक तरीकों के बारे में बताया। डॉ विजय कुमार ने पोषण वाटिका के आकार एवं सालो भर चलने वाले फसल चक्र की जानकारी दी। प्रशिक्षण में बताया गया कि पौष्टिक तत्वों से भरपूर धनिया, मिर्ची, प्याज, पालक, गाजर, चौलाई, बकला, चुकंदर, मेंथी, बैगन, मूली, करैला, लौकी, निनुआ आदि की खेती आसानी से की जा सकती है। कार्यक्रम के समापन में राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय प्रसार निदेशालय से उप निदेशक डॉ पुष्पा सिंह ने भाग लिया और पोषण वाटिका लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में भाग लेने वाली आंगनबाड़ी सेविकाओं को पपीता, सहजन, पत्थर चटा व अजवाइन के साथ प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया।


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