नई दिल्ली, (एजेंसी)। लंबे अरसे बाद लालू प्रसाद यादव पाटलिपुत्र की धरती पर कदम रखने वाले हैं। रविवार यानी आज की शाम लालू यादव पटना पहुंच रहे हैं। उनके साथ बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनकी बेटी मीसा भारती भी होंगी। लालू के आने की खबर भर से ही बिहार का सियासी पारा चढ़ गया है। विरोधियों में भी बौखलाहट बढ़ गई है और ऐसा उनके जवाबों से भी महसूस हो रहा है। लेकिन लालू की पटना दस्तका का उत्साह राजद में देखा जा रहा है। खबर तो ये भी है कि लालू यादव कुशेश्वरस्थान और तारापुर सीट पर प्रचार भी कर सकते हैं। हालांकि पार्टी के अनुसार फिलहाल लालू यादव का चुनाव प्रचार में हिस्सा लेना तय नहीं हुआ है। लालू यादव की तबीयत को देखते हुए ही आगे विचार किया जाएगा। लेकिन पार्टी के 20 स्टार प्रचारकों की सूची में लालू का नाम पहले पायदान पर है।
लालू के आने की खबर भर से ही सियासी उबाल जोरों पर है और इसका आभास विरोधियों के बयान सुनकर ही लगाया जा सकता है। जदयू के विधायक महेश्वर हजारी ने कहा कि लालू यादव ने प्रचार किया था उस दौरान भी हमने चुनाव जीता था। उनके आने नहीं आने से कोई प्रभाव पड़ने वाला नहीं है। वहीं बिहार सरकार में मंत्री अमरेंद्र प्रताप ने लालू के आगमन पर बयान देते हुए कहा कि उन्हें जमानत चुनाव प्रचार करने और राजनीति करने के लिए नहीं मिली है। लालू यादव ने खराब स्वास्थ्य के आधार पर जमानत मांगी है। विरोधियों का बयान देना लाजिमी है क्योंकि उपचुनाव है और लालू यादव इसी बीच बिहार की धरती पर कदम रखने जा रहे हैं।
कांग्रेस से गठबंधन तोड़ने को लेकर कही ये बात: बिहार में लगभग तीन दशक तक एक साथ चलने वाली कांग्रेस और राजद की जोड़ी टूट गई है। कांग्रेस के बिहार के प्रभारी भक्त चरण दास ने 2024 के विधानसभा चुनाव को लेकर ऐलान करते हुए कहा कि सूबे की सभी 40 लोकसभा सीटों पर पार्टी अपने दम पर चुनाव में उतरने का ऐलान किया है। कांग्रेस गठबंधन पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू यादव ने बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन क्या होता है? हम हारने के लिए कांग्रेस का साथ देते? जमानत जब्त कराने के लिए उनका साथ देते।


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