- जिला में कई छात्र छात्रों हो चुके हैं ठगी के शिकार
संत मुरारी स्वामी। राष्ट्रनायक न्यूज।
गड़खा (सारण)। मैट्रिक की परीक्षा की समाप्त होने के बाद कॉपी जांच का कार्य शुरू हो गया है। ऐसे में साइबर क्राइम करने वाले जलसाजों द्वारा बिहार बोर्ड परीक्षा के कर्मचारी व कॉपी जांच करने वाले शिक्षक खुद को बता कर सैकड़ों छात्र- छात्राओं से पैसा ठगी के मामले जिला में सामने आ चुकी है। गड़खा, अमनौर, दिघवारा, परसा, दरियापुर, मकेर, मढ़ौरा, जलालपुर समेत विभिन्न ने प्रखंडों में जलसाज द्वारा छात्रों को टारगेट कर उनसे नंबर बढ़वाने के नाम पर हजारों रुपए वसूली जा रही है। ताजा मामला सोनपुर के शाहपुर जैतिया के भोला पासवान के पुत्र तथा शिशु संघ उच्च विद्यायल सोनपुर के छात्र विक्की कुमार के नंबर 6201077593 पर बुधवार सुबह 10:21 बजे 8274007230 से फोन करके पैसा मांगी गई।फोन कर एडमिट कार्ड की सभी जानकारियां सही बातते हुए भृमित करते हुए ठगी का शिकार करने की कोशिश की गई। हैंकर ने खुद का परिचय बोर्ड ऑफिस में काम करने वाले कन्हैया कुमार राव के रूप में दिया। हालांकि उसके नम्बर पर दैनिकभास्कर की टीम ने बात करने की कोशिश की पर फोन रिसीव नहीं हुई। ट्रूकॉलर में भी नंबर पटना बोर्ड ऑफिस का दिखा रहा है।
प्रस्तुत है बातचीत का अंश
जलसाज एडमिट कार्ड में अंकित हूबहू जानकारी बताते हुए छात्र को भ्रमित करने की कोशिश करते हुए बोलता है तुम्हारा बायोलॉजी में 18 नंबर ही आया है तीन नंबर से फेल हो जाओगे। इसलिए पर विषय तुम्हें 3 हजार रुपये देने होंगे। ताकि नंबर बढ़ाया जा सके। तुम्हारा एक विषय में नम्बर कम है इसलिए 3 हजार ही देना होगा।
छात्र: पैसा कैसे भेजना होगा जलसाज: पैसा अकाउंट में भेजना होगा।अकाउंट नम्बर दीजिए
जलसाज: बैंक में जाने के पास नंबर दूंगा। 100% काम हो जाएगा। फर्स्ट डिवीजन से पास हो जाओगे। 280 नंबर के आसपास अभी नंबर है। मार्कशीट में सुधार होते ही व्हाट्सएप पर भेज दूंगा। टोटल 3 हजार डालने होंगे।अभी पहले पंद्रह सौ रुपया भेज दो।
छात्र: अभी पैसा नहीं है।
जलसाज: आधा घंटा तक कागजों रुक सकता है। उसके बाद काम नहीं होगा। छात्र ने काफी विनती की तो
जलसाज: बोला 2 हजार पंद्रह सौ लेकर हम घर नहीं बना लेंगे। इस बार फेल हो जाओगे तो रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने में 5 हजार रुपये खर्च और 1 साल का समय बर्बाद हो जाएगा। लास्ट टाइम में 11:00 बजे तक है।
छात्र: मार्कशीट का फोटो वाट्सप कीजिए ताकि देख सकू।
जलसाज: कोई जबरदस्ती नहीं है नंबर बढ़वाना है तो पैसा भेजो।
कैसे हो जाती है नम्बर लीक
यह पहली बार नहीं है, जब मैट्रिक इंटर के परीक्षार्थियों से पैसा मांगने का मामला सामने आया। पिछले 3 वर्षों से ऐसे मामले और वर्ष लगातार देखने को मिलते हैं। राज्य के हजारों छात्र ठगी के शिकार भी होते हैं। सबसे बड़ा प्रश्न उठता है कि आखिर जलसाजों को नंबर कहां से उपलब्ध हो जाती है। जैसे-जैसे सरकार छात्रों की सुविधाओं के लिए ऑनलाइन करते जा रही है। वैसे साईबर क्राइम करने वाले जलसाज भी छात्रों को ठगी का शिकार बनाते जा रहे हैं।
लॉक डाउन से नहीं हुआ पढ़ाई
वर्ष 2020 में वैश्विक महामारी कोरोना के प्रभाव को रोकने के लिए लॉकडाउन से मैट्रिक और इंटर के परीक्षार्थियों की स्कूल कालेज व कोचिंग बंद होने से पढ़ाई नहीं हो पाई। इसका हवाला देते हुए हैंकरों द्वारा पढ़ने वाले छात्रों से भी आसानी से ठग ली जा रही है।
पैसा नहीं देने वाले भी हो जाते हैं पास
कॉपी जांच होते वक्त हर वर्ष राज्य के हजारों परीक्षार्थियों से पैसा ठगी का प्रयास किया जाता है। जिसमें कुछ छात्र से ठगी का शिकार हो जाते हैं, परंतु कुछ छात्र इस से बच जाते हैं।पैसा जमा नहीं कराने वाले विद्यार्थी भी फर्स्ट डिवीजन से पास होते हैं। जिससे स्पष्ट होता है कि हैकरों द्वारा भ्रमित कर पैसा ठगने का प्रयास किया जाता है।



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