पटना। बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि कोरोना के मामले में बिहार के हालात भयानक हो गए हैं। गुरुवार को उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि पिछले दो दिनों में आईएएस सहित कुछ अधिकारी अपनी जान गंवा चुके हैं। जबकि कई अधिकारी, डाक्टर और अन्य लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। कहा कि ऐसे में आम लोगों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजधानी पटना तक के किसी अस्पताल में बेड उपलब्ध नहीं हैं। स्वास्थ्य सचिव ने सेना से डाक्टर मांगे हैं। उन्होंने कहा कि वे कोरोना के शुरूआती दिनों से ही बिहार सरकार को अस्पतालों की व्यवस्था करने, टेस्टिंग बढ़ाने, क्वारंटाइन और आइसोलेशन सेंटर बढ़ाने को लेकर आगाह करते आ रहे हैं। कहा कि हम समय-समय पर मुख्यमंत्री जी से वेंटीलेटर और आॅक्सीजन स्टॉक बढ़ाने का अनुरोध करते आ रहे हैं, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से बिहार के स्वास्थ्य मंत्री को बंगाल की चुनावी ड्यूटी से मुक्त करने का अनुरोध किया है। तेजस्वी ने कहा कि हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने बीते एक साल में बिहार में अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने के लिए कुछ नहीं किया। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने आरोप लगाया है कि राज्य में चिकित्सा की आपातकाल जैसी स्थिति हो गयी है। उन्होंने सूबे में कोरोना टेस्टिंग व मरीजों के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। कहा है कि कोरोना से हर रोज राज्य में मौतें हो रहीं है। इसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य मंत्री की है। आरोप लगाया है कि कोविड से तड़प कर एनएमसीएच अस्पताल के बाहर मरीज की जान चली जाती है और डॉक्टर मंत्री के स्वागत में लगे रहते हैं। हालात ऐसे हैं कि राज्य के कई जिलों के अस्पतालों में कोरोना के इलाज की जरूरी सुविधाएं नहीं हैं।


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