नयी दिल्ली, (एजेंसी)। दिल्ली सरकार के छह दिन के लॉकडाउन की घोषणा पर भारतीय खुदरा संघ (आरएआई) ने सोमवार को कहा कि पूर्ण बंदी समाधान नहीं है और संगठन ने जीवन तथा आजीविका के बीच संतुलन बनाने की अपील की। खुदरा संगठन ने राज्य सरकार से कहा कि सभी तरह और आकार के गैर-खाद्य व्यवसायों को फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक जरियों से आॅर्डर लेने की अनुमति दी जानी चाहिए। आरएआई ने एक बयान में कहा कि सीमित कर्मचारियों के साथ दुकानों को खोलने की इजाजत मिलनी चाहिए, ताकि होम डिलीवरी की जा सके।
आरएआई के सीईओ कुमार राजगोपालन ने एक बयान में कहा, ‘‘हम राजधानी में महामारी के प्रकोप को रोकने के लिए दिल्ली सरकार के प्रयासों की सराहना करते हैं। हालांकि, हमारा मानना है कि पूर्ण बंदी कोई समाधान नहीं है। जीवन और आजीविका के बीच संतुलन होना चाहिए, ताकि लोगों की जिंदगी बचाई जा सके और आजीविका का नुकसान भी न हो।’’
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी के मद्देनजर सोमवार रात 10 बजे से अगले सोमवार सुबह पांच बजे तक के लिए लॉकडाउन की घोषणा की है। राजगोपालन ने राज्य सरकार से कहा कि गैर-खाद्य खुदरा कारोबारियों को होम डिलीवरी के लिए फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से आॅर्डर लेने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि इससे ग्राहकों के लिए शारीरिक दूरी सुनिश्चित होगी और यह उनके लिए सुविधाजनक होगा।


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