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एंटीवायरस बनाने वाले मैकेफी जिंदगी के कौन से वायरस से थे परेशान? लगे थे टैक्स चोरी के आरोप

नई दिल्ली, (एजेंसी)। मैकेफी एंटीवायरस सॉफ्टवेयर बनाने वाले जॉन मैकेफी बार्सिलोना के निकट स्थित जेल की कोठरी में बुधवार को मृत पाए गए हैं। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि जॉन मैकेफी ने आत्महत्या की है। वहीं, जेल प्रशासन का कहना है कि इस मामले में छानबीन जारी है। पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने किन कारणों से आत्महत्या की है। आपको बता दें कि कुछ घंटे पहले स्पेन की एक अदालत ने 75 वर्षीय मैकेफी को स्पेन से अमेरिका प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया था। मैकेफी पर अमेरिका में टैक्स चोरी से जुड़े हुए आरोप हैं और ऐसे आरोप साबित होने पर जेल की लंबी सजा मिलती है। जॉन मैकेफी पर क्या थे आरोप: कंप्यूटर वायरस से लोगों को निजात दिलाने वाले जॉन मैकेफी के खिलाफ टैक्स चोरी के आरोप हैं। उन्होंने साल 2014 से लेकर 2018 तक रिटर्न फाइल नहीं किया था। जबकि अपनी जिंदगी की कहानी के राइट्स बेचने के साथ-साथ अन्य कामों के जरिए लाखों कमा रहे थे। जॉन मैकेफी को अक्टूबर 2020 में बार्सिलोना हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था क्योंकि अमेरिका ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। उस वक्त उन्हें स्पेन की जेल में रखा गया था। तब एक न्यायाधीश ने आदेश में कहा था कि प्रत्यर्पण पर सुनवाई का फैसला आने तक मैकेफी को हिरासत में रखा जाना चाहिए।

राजनीति से प्रेरित थे आरोप?

स्पेन की राष्ट्रीय अदालत ने सोमवार को मैकेफी को प्रत्यर्पित करने के पक्ष में फैसला सुनाया था। अपनी याचिका में मैकेफी ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और अगर उन्हें अमेरिका भेज दिया जाता है तो उनकी बाकी उम्र जेल में कटेगी। अदालत के आदेश को बुधवार को सार्वजनिक किया गया और इसके खिलाफ अपील का रास्ता भी खुला रखा गया। मैकेफी ने कंपनी से दिया था इस्तीफा: जॉन मैकेफी ने साल 1987 में एंटीवायरस सॉफ्टवेयर कंपनी मैकेफी की स्थापना की थी। इस दौरान मैकेफी ने कंप्यूटर में आए रहे वायरस के खात्मे के लिए सॉफ्टवेयर बनाया और लोगों को काफी ज्यादा राहत दे दी। हालांकि उन्होंने 1994 में कंपनी से इस्तीफा दे दिया था। बाद में मैकेफी को इंटेल ने खरीद लिया। जॉन मैकेफी के वकील ने बताया कि वो एक जुझारू व्यक्ति थे। उन्होंने अपने देश से प्रेम करने का प्रयास किया लेकिन अमेरिका की सरकार ने उनका नामोनिशान तक मिटाने की कोशिश की हालांकि वह विफल रही।

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