पटना: पटना में गंगा की बाढ़ लगातार विनाशकारी बनती जा रही है। कई गांवों में पानी घुसने के बाद श्मशान घाट भी बाढ़ की चपेट में हैं। गुलबी घाट के पास लकड़ी से कराए जाने वाले अंतिम संस्कार स्थल डूब गए हैं। लोग घुटने भर पानी में ही अंतिम संस्कार कर रहे हैं। यहां बने विद्युत शवदाहगृह में पानी घुसने और उससे हुए शार्ट सर्किट से शवदाह बंद कर दिया गया है। गंगा के जलस्तर में लगातार उफान जारी है। राजधानी के दोनों घाटों पर नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की टीम भी अलर्ट मोड में है। पटना में सुरक्षा बांध समेत तमाम नदियों के तटबंधों पर नजर रखी जा रही है। घाटों पर लगातार पानी बढ़ने से अंतिम संस्कार में भी परेशानी हो रही है।
दीघा घाट, बांसघाट और गुलबी घाट के पास लकड़ी से कराए जाने वाले अंतिम संस्कार स्थल भी डूब गए हैं। शवों का अंतिम संस्कार बेहद मुश्किल हो गया है। परिजन घुटने भर पानी में घुस कर शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं। जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से दियारा के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। फसलें डूब गई हैं। पटना डीएम के अनुसार गंगा का जलस्तर 2016 में आई बाढ़ से 70 सेंटीमीटर नीचे है। गांधी घाट पर जहां गंगा में खतरे का निशान 48.6 मीटर है, वहां फिलहाल गंगा का पानी खतरे के निशान से 129 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। हालांकि, गंगा का पानी 50.80 मीटर के रिकॉर्ड स्तर तक नहीं पहुंचा है, जो अगस्त 2016 में दर्ज किया गया था।


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