घरों में लगाए गए नलकूपों की पाइपों से सड़क पर बह रही है पानी
रजौली (नवादा)। प्रखंड क्षेत्र के डाकबंगला रोड में सड़क निर्माण कंपनी के द्वारा नाले का निर्माण कराया गया है। जिसके कारण सड़क किनारे जिंदल कंपनी के द्वारा लगाए गए नलकूपों की जगह जगह पर पाइप टूट गया है।जिसके कारण सड़कों पर पानी गिरने से आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है।सड़क पर चलने वाले पवन कुमार, दिलीप यादव ने बताया कि घर में नहीं पहुंच रहा है।पानी सड़कों पर बह रही है।जिससे आसपास के लोगों का जीना मोहाल हो गया है।आसपास के ग्रामीण ने बताया कि महीनों से टूटे हुए पाइपों के कारण पानी सड़क पर बह रहा है।जिसके कारण सड़क पर बिखरा हुआ कचरा सड़कर दुर्गंध फैलाने लगी है।अगर इसी तरह का लाचारी विभागों में रही तो कहीं आगे जाकर महामारी का रूप ना ले ले। गौरतलब है कि विश्व बैंक के सहयोग से जिंदल कंपनी के द्वारा फुलवरिया जलाशय के समीप वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण 2016 से कराया गया था।जिसका निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है।जबकि जिंदल कंपनी के द्वारा पीएचडी विभाग को कार्य संपूर्ण होने की जानकारी दे दी गई है।फल स्वरुप पीएचडी के निर्देश पर दिसंबर माह में एसडीओ चंद्रशेखर आजाद के द्वारा प्रखंड क्षेत्र के 10 पंचायतों के 90 गांव के घरों की दी जाने वाली पानी का निरीक्षण कर किया गया। जिसमें उनके द्वारा पाया गया था कि प्रत्येक गांव में करीब करीब 50 से 100 घरों में कनेक्शन नहीं दी गई है।जिसके कारण उन्हें पानी नसीब आज तक नहीं हुआ। जबकि इन लोगों के द्वारा 425 रुपए एवं 225 रुपए देकर कनेक्शन लिया गया था।इसके बावजूद उन्हें घरों तक नलकूप को नहीं पहुंचाया गया।रजौली के बीच बाजार से कलाली रोड जाने वाली रास्तों में भी दर्जनों ऐसे घर है जहां पर नलकूप नहीं लगाया गया है।सिर्फ सड़क मार्ग के बीच में खुदाई कर मोटी मोटी पाइपों को बिछा दिया गया है।लेकिन उनकी गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया।जिसके कारण पानी घरों तक पहुंचने के बजाय सड़कों पर ही वह कर समाप्त हो जा रही है।इस विषय पर ग्रामीण उत्तम कुमार, पवन सिंह,संतोष कुमार ने बताया कि जिंदल कंपनी की लापरवाही का नतीजा है कि आज हम लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा है।वे लोग करोड़ों रुपए का गोलमाल कर लिए हैं।इसकी जांच हो कर बचे हुए कनेक्शन धारियों के घरों तक पानी पहुंचाया जाए।इन लोगों ने यह भी बताया कि जिनके घरों में नलकूप लगा दी गई है।उनके घरों में भी आज तक पानी की एक बूंद नहीं गई है।जिंदल कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रशांत पांडा के द्वारा कंपनी बगैर कार्य पूर्ण किए हुए ही पीएचडी विभाग को संपूर्ण कार्य होने की जानकारी नवंबर माह में ही दे चुकी है।इस विषय में जानकारी लेने हेतु जब कंपनी के मैनेजर सैम तबरेज के नंबर पर कॉल की गई तो वह फोन उठाना मुनासिब नहीं समझे।


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