कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण का ऐलान, कहा- किसानों की लड़ाई अब जनांदोलन बनेगी, केद्रबिंदु होगा बिहार
पटना(बिहार)। कांग्रेस के बिहार प्रभारी व पूर्व केन्द्रीय मंत्री भक्त चरण दास ने कहा कि बिहार किसानों की लड़ाई का केद्रबिंदु बनेगा। कांग्रेस किसानों के बीच से नेता निकालेगी। किसानों के मसले पर बिहार बंद होगा और पंचायतस्तर तक कार्यक्रम होंगे। किसान आंदोलन जनआंदोलन का रूप लेगा। बापू ने भी नील की खेती के खिलाफ आंदोलन बिहार में किया था। पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में प्रेस वार्ता में उन्होंने चेतावनी दी कि राम के नाम पर वोट लेकर रावण जैसा व्यवहार न करे भारत सरकार। तीनों कृषि कानून गलत हैं। इसे वापस लेने से केंद्र सरकार की मयार्दा नहीं गिरेगी। केन्द्र को किसानों को झुकाने की जिद छोड़नी होगी। लाल किला केन्द्र के संरक्षण में है। लेकिन, सरकार वहां तिरंगे का अपमान होते चुपचाप देखती रही। अब तक आरोपित को क्यों नहीं गिरफ्तार किया गया। राहुल गांधी ने ट्रैक्टर रैली कर किसानों का आंदोलन सबसे पहले शुरू किया था। उन्होंने कहा कि बिहार के किसान भी बेहाल हैं। मक्का और सब्जी उत्पादन में बिहार अव्वल है फिर भी यहां मक्का की खरीद नहीं होती है। सब्जियों के भंडारण की व्यवस्था नहीं है। जिलों में कार्यकतार्ओं के विरोध से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है। यहां सबको अपनी बात रखने का अधिकार है। कांग्रेस चुनाव का इंतजार नहीं करेगी। हमें पांच साल लड़ना होगा। तीन महीने में पार्टी का बदला स्वरूप दिखेगा। नयापन दिखने लगेगा। जहां भी गलतियां हुई हैं वहां सुधार जरूर करेंगे। संवाद बना रहेगा तो गुटबाजी भी नहीं होगी। संवादहीनता ही गुटबाजी को बढ़ावा देती है। पार्टी में आज भी बहुत संभावनाएं हैं। बिहार के लोगों के दिल में आज भी कांग्रेस है। बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास ने यह बेबाक टिप्पणी शनिवार को ह्यहिन्दुस्तानह्ण से बातचीत के दौरान की। राज्य के 14 जिलों का दौरा कर लौटे आत्मविश्वास से लबरेज श्री दास ने कहा कि कांग्रेस में बहुत सामर्थ्यवान लोग हैं। बस, उनकी पहचान कर टीम बना देना है। कोई कांग्रेसी नहीं अब कांग्रेस मजबूत होगी। पार्टी के सभी अंग मजबूत होंगे। यह पूछने पर कि क्या संगठन में बदलाव होगा, उन्होंने कहा कि बदलाव चिरन्तन सत्य है। चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे पर उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। लेकिन, इतना जरूर कहा कि कमजोरियां गिनाने से हमारे लोगों का मनोबल गिरेगा। हम आगे सोचते हैं। बेहतर करेंगे तो बेहतर नतीजा भी सामने होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जाति-पाति की नहीं मुद्दों की राजनीति करती है। पहले बिहार से मुद्दे निकलते थे, देश उसपर आगे बढ़ता था। लेकिन, यहां सब जाति-पाति में फंस गये। मुद्दों पर सही समय पर काम नहीं हुआ। अब भी यहां के मुद्दे देश की राजनीति को प्रभावित करने वाले हैं। यहां के एक करोड़ लोग बाहर काम करते हैं। उन्हें वाजिब कीमत उनकी मेहनत की नहीं मिलती है। कहा कि जिलों के दौरे में किसानों-मजदूरों की कहानी सुन रोंगटे खड़े हो गये। उनके साथ खड़ा होना होगा। हर जिले में बड़ी संख्या में लोग थे। कैसे कह सकते हैं कि लोग हमसे दूर हैं?


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