राष्ट्रनायक न्यूज

Rashtranayaknews.com is a Hindi news website. Which publishes news related to different categories of sections of society such as local news, politics, health, sports, crime, national, entertainment, technology. The news published in Rashtranayak News.com is the personal opinion of the content writer. The author has full responsibility for disputes related to the facts given in the published news or material. The editor, publisher, manager, board of directors and editors will not be responsible for this. Settlement of any dispute

शराब माफ़िया के दुःसाहस का चरम, मुठभेड़ में दरोगा शहीद, चौकीदार को भी लगी गोली

राष्ट्रनायक न्यूज।

सीतामढ़ी (बिहार)। बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद से शराब माफिया ने पैरलल इकोनॉमी खड़ी कर ली है। इसका नतीजा है कि खाकीवालो को ये दुःसाहसी लगातार निशाना बना रहे है।इसी क्रम में सीतामढ़ी में शराब तस्कर और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई है। इसमें पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर (दारोगा) शहीद हो गए हैं। शहीद SI का नाम दिनेश राम है। मुठभेड़ में एक चौकीदार को भी गोली लगी है। वह गंभीर रूप से घायल है। घटना मेजरगंज थाना क्षेत्र के कोवारी गांव में हुई। SI दिनेश राम मेजरगंज थाने में पदस्थापित थे। बुधवार को अवैध शराब की ब्रिकी की सूचना पर पुलिस टीम छापेमारी करने पहुंची थी तभी शराब माफियाओं ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इसमें एक गोली SI दिनेश राम को लगी और दूसरी गोली चौकीदार लाल बाबू पासवान को लगी। पुलिसकर्मी आननफानन में दोनों घायलों को सदर अस्पताल लेकर जाने लगे, लेकिन SI ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद पुलिस प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सीतामढ़ी SP सदर अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस के अनुसार शराब तस्करों से मुठभेड़ में 1 सब इंस्पेक्टर की मौत हो गई है, जबकि चौकीदार की हालत गंभीर है। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

मिली जानकारी के अनुसार भारत-नेपाल सीमा से सटे सीतामढ़ी के मेजरगंज के कोआरि गांव में यह मुठभेड़ हुई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि नेपाल के रास्ते बिहार में शराब की बड़ी खेप लाई जा रही है। पुलिस ने इस सूचना के आधार पर घेराबंदी की। पुलिस को अंदाजा नहीं था कि शराब तस्कर हथियारों से लैस होंगे। गाड़ी रोकते ही तस्करों ने पुलिस पर हमला कर दिया। उनकी फायरिंग में सब इंस्पेक्टर दिनेश राम और चौकीदार लाल बाबू पासवान को गोली लगी। दोनों को आनन-फानन में सीतामढ़ी सदर अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने सब इंस्पेक्टर दिनेश राम को मृत घोषित कर दिया है। चौकीदार लाल बाबू पासवान की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस वक्त सीतामढ़ी सदर अस्पताल पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। सीतामढ़ी के सभी बड़े पुलिस अफसर वहां पहुंचे हैं।

उधर, सूचना मिली है कि मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली से एक बदमाश की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि अभी तक इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। मुठभेड़ के दौरान कई बदमाश मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा कि पुलिस को शराब तस्करों के नेपाल से भारत के बिहार में शराब की बड़ी खेप लाने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर सब इंस्पेक्टर दिनेश राम ने अपने साथियों के साथ कोआरि गांव में तस्करों की घेराबंदी की। जैसे ही उनका सामना हुआ तस्करों ने हमला बोल दिया। हथियारों से लैस तस्करों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इसी दौरान सब इंस्पेक्टर दिनेश राम और चौकीदार लाल बाबू पासवान को गोली लग गई। उधर, एक बदमाश को भी पुलिस की गोली लगी। सब इंस्पेक्टर और चौकीदार को गोली लगने के बाद पुलिस टीम ने दोनों को आनन-फानन में सीतामढ़ी सदर अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने सब इंस्पेक्टर दिनेश राम को मृत घोषित कर दिया। घायल लाल बाबू पासवान को सीतामढ़ी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

मेजरगंज के जिस स्थान पर पुलिस और शराब तस्करों की मुठभेड़ हुई, वो भारत-नेपाल सीमा से बामुश्किल आधा किलोमीटर दूर स्थित है। कोरोना काल में भारत-नेपाल की ये सीमा सील कर दी गई थी। भारत की ओर से सीमा अब भी सील है जबकि नेपाल की ओर से सीमा खोल दी गई है। सीमा सील होने के बावजूद तस्करों की गतिविधियों और इस एनकाउंटर को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

सब इंस्पेक्टर दिनेश राम 2009 में पुलिस में भर्ती हुए थे। वह मूल रूप से मोतिहारी के लथौरा थाना के ससौलबरवा गांव के रहने वाले थे। उनके पिता का नाम स्व शिवशंकर राम है। सब इंस्पेक्टर दिनेश राम को हाल में ही मेजरगंज में तैनात किया गया था। घायल चौकीदार लालबाबू पासवान कोअरी का रहने वाला है। शराब तस्कर जिसकी मौत की खबर आ रही है उसका नाम रंजन सिंह है। वह मेजरगंज के कोआरि का रहने वाला बताया जा रहा है।

बिहार में शराबबंदी की सफलता के बड़े-बड़े दावों के बीच हकीकत यह है कि शराब माफिया का नेटवर्क राज्य में हर जगह मौजूद है। एक महीने पहले सीतामढ़ी में ही 35 लाख रुपए की शराब की खेप पकड़ी गई थी। नेपाल से तस्करी कर शराब लाए जाने की खबरें अक्सर मिलती रहती हैं। इसके पहले भी शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने गई पुलिस टीम पर कई बार हमले हो चुके हैं। शराब माफियाओं का खौफ बिहार में इस कदर हावी है कि अब पुलिसकर्मी भी उनके खिलाफ कार्रवाई करने से कतराते हैं। हर वक्त हथियारों से लैस रहने वाले माफिया कब किस पर हमला बोल देंगे, कुछ कहा नहीं जा सकता।

उधर, कोआरि गांव के लोग इस पूरे घटनाक्रम को लेकर काफी गुस्से में हैं। उन्होंने सड़क जाम कर दिया है। लोगों का आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से शराब की तस्करी होती है। सड़क जाम करने वालों में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शामिल हैं। लोगों की मांग है कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाए।

बेगूसराय में भी शराब के काले कारोबार पर छापा मारने गई पुलिस टीम पर हमले की खबर है। पुलिस वहां मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करने गई थी। लेकिन पुलिस टीम को देखते ही लोगों ने उस पर हमला बोल दिया। लोगों ने पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। हमले में महिलाएं भी शामिल रहीं। खबर है कि एक महिला ने एक पुलिसवाले को दांत काट कर घायल कर दिया। बाद में बड़ी संख्या में पहुंची पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कई लीटर कच्ची शराब बरामद की गई है। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।

इसी महीने यूपी के कासगंज जिले में भी शराब तस्करों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। पुलिस वहां अवैध शराब के धंधे को बंद कराने गई थी लेकिन वहां पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया गया। यही नहीं शराब माफियाओं ने पहले एक सब इंस्पेक्टर और सिपाही को बंधक बना लिया और फिर उन दोनों को गायब कर दिया। बाद में दरोगा लहूलुहान हालत में एक खेत से मिले। जबकि सिपाही की लाश दूसरी जगह से बरामद की गई।

भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाते हैं तस्कर

मेजरगंज सीतामढ़ी जिले का नेपाल सीमा से सटा हुआ ब्लॉक है। पुलिस और शराब माफियाओं के बीच जहां यह मुठभेड़ हुई है, वह बॉर्डर से 2 KM दूर है। खुली सीमा होने की वजह से इलाके में तस्कर नेपाल से आसानी से शराब की सप्लाई जिले समेत आसपास के इलाकों में करते हैं।