अरूण विद्रोही की रिर्पोट। राष्ट्रनायक प्रतिनिधि।
पटना (बिहार)। विधानसभा सत्र में सीतामंढ़ी जिले के सोनबरसा सुरक्षित सीट से बिहार के वर्तमान सरकार के जदयू पार्टी के विधायक रत्नेश सादा ने बिहार सरकार के अनुसूचित जाति/जन जाति कल्याण विभाग अन्तर्गत कार्यरत बिहार महादलित विकास मिशन के अन्तर्गत कार्यरत बिहार के समस्त विकास मित्र जो लगभग ग्यारह साल से बिहार के दलितों के समाजिक, आर्थिक, तथा शैक्षणिक रूप से उनके तथा उनके परिवार के उत्थान के लिए हर वक्त काम करने वाले विकास मित्रों को पंचायत सचिव स्तर का दर्जा देने की मांग किया है। वहीं विधायक रत्नेश सादा ने विधानसभा सत्र में ध्यानाकर्षण सवाल में कहा है कि बिहार के विकास मित्रों की नियोजन 2009 से 2012 के बीच में बहाली की पुरी प्रक्रिया हुई और आज भी बिहार के अनेक पंचायतों में विभिन्न रिक्तियों के स्थान पर बहाली की प्रक्रिया अपने चरम सीमा पर है। विकास मित्रों का मानदेय सीमित रहने से उनके परिवार का भरण पोषण करने में बहुत ही कठिनाईयों का सामना करनी पर रही है तथा विकास मित्र अपने परिवार सहित अपने वंशजों को उच्च शिक्षा देने में असमर्थ साबित हो रहे है। आज के मंहगाई की दौर में बात करें तो वर्तमान समय में विकास मित्रों को मानदेय के रूप में मात्र 12500 मिल रहा है जिस पर सोनबरसा विधायक रत्नेश सादा ने मांग किया कि विकास मित्रों को पंचायत सचिव यानी ग्रामसेवक का दर्जा देने के साथ ही उनके मानदेय में बढ़ोतरी की जाए। विधान सभा की ध्यानाकर्षण की इस मांग पत्र पर बिहारीगंज विधानसभा विधायक निरंजन कुमार मेहता, अशोक चौधरी, निशा सिंह, कविता देवी, शशिभूषण हजारी, अवधेश सिंह, विनय कुमार चौधरी, रामविलास कामत, सहित बहुत से विधायकों ने श्री सदा के मांग का समर्थन कर अपनी सहमति जाहिर की है।




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