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तीसरी की छात्रा से रेप के दोषी को ताउम्र कारावास, 9 गवाह व 9 रिपोर्ट से मिली सजा, कब्रिस्तान के पास मासूम से की थी दरिंदगी

मुजफ्फरपुर। तीसरी कक्षा की छात्रा से रेप के केस की सुनवाई पूरी करते हुए मंगलवार को विशेष पॉक्सो कोर्ट के जज दीपक कुमार ने दोषी सुजीत कुमार (22) को ताउम्र कारावास की सजा सुनाई है। उसपर 50 हजार रुपये जुमार्ना भी किया है। वह औराई के एक गांव का रहने वाला है। सजा सुनाए जाने के बाद उसे पुन: जेल भेज दिया गया।

दो मई 2018 को औराई के एक गांव में आठ वर्षीय बच्ची के साथ रेप की घटना घटी थी। पीड़िता की मां ने ग्रामीण सुजीत के खिलाफ महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। एसकेएमसीएच में महिला पुलिस ने पीड़िता की मां का बयान दर्ज किया। मां ने पुलिस को बताया था कि घटना के रोज दोपहर एक बजे बेटी रोते हुए आयी। उसके कपड़े खून से सने थे। बेटी ने बताया कि सुजीत फुसलाकर कब्रिस्तान के पास सुनसान जगह पर ले गया। वहां उसके साथ गंदा काम किया। इसके बाद पीड़िता की मां ने घटना की जानकारी सरपंच को दी। सरपंच के सुझाव पर मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस की मदद से पीड़िता को एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया। पुलिस ने घटना के दिन ही सुजीत को दबोच लिया। जांच के बाद पुलिस ने 25 जुलाई 2018 को सुजीत के खिलाफ चार्जशीट की।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से पीड़ित छात्रा को दस लाख रुपये मुआवजा के रूप में दिया जाएगा। यह आदेश विशेष पॉक्सो कोर्ट ने प्राधिकार को दिया है। विशेष लोक अभियोजक अजय कुमार ने बताया कि 6 पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी को सजा सुनाए जाने के साथ पीड़िता को मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए भी आदेश दिया गया है। आरोपित व पीड़ित छात्रा एक ही गांव के है।

रेप के दोषी सुजीत को सजा दिलाने में नौ गवाह व नौ रिपोर्ट ने अहम भूमिका निभायी। नौ में से सात गवाह ग्रामीण व परिजन थे, जबकि एक जांच अधिकारी व एक डॉक्टर ने भी पीड़िता की ओर से गवाही दी। वहीं एफएसएल रिपोर्ट, पीड़िता के धारा 164 का बयान व जब्ती सूची समेत नौ रिपोर्ट ने भी सजा दिलाने में अहम भूमिका निभायी। घटना के बाद पीड़िता के कपड़ों की एफएसएल से जांच कराई गई थी।