पटना: बिहार विधानसभा में हुई घटना को लेकर विपक्षी पार्टियों ने आज बिहार बंद बुलाया। राजद सहित लेफ्ट ने विधानसभा में हुई विधायकों की पिटाई को लेकर ये बंद बुलाया है। बंद का राज्य की सामान्य दिनचर्या पर खासा असर दिखाई दिया। प्रमुख सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी पुलिस बलों की तैनाती के बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने बिहार में राज्य-राजमार्गों और महात्मा गांधी सेतु सहित कई मार्गों को अवरुद्ध कर दिया। सड़कों पर जलते टायर रख दिए जिससे आवागमन बाधित हुआ और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
ज्यादातर लोग इस बात से बेखबर थे कि बंद का आह्वान क्यों किया गया और किस संगठन ने इसका ऐलान किया। अचानक हुए इस बंद ने कार्यालय जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और व्यापारियों को कंफ्यूज कर दिया। लोग दोस्तों और रिश्तेदार से व्हाट्सऐप और एसएमएस के जरिए इसकी पुष्टि करने की कोशिश करते नजर आए।बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में विशाल जुलूस निकाले गए। प्रदर्शनकारियों ने नीतीश कुमार सरकार के खिलाफ नारे लगाए और पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों ने दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जबरन बंद कराया। कई स्थानों से पटरियों पर विरोध प्रदर्शन की खबरें आईं, जिससे 16 से अधिक यात्री / एक्सप्रेस और माल गाड़ियां अवरुद्ध हुईं।
राज्य में विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव और सड़क की नाकेबंदी की इससे लोगों को अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचने में काफी ज्यादा समय लगा। राजधानी में हजारों पार्टी कार्यकर्ता जिसमें बच्चे भी देखे गए, वे रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर लाठी और पार्टी के झंडे लेकर पहुंचे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से भगा दिया।
निजी और सार्वजनिक दोनों तरह के वाहन, यहां तक कि राज्य की सिटी बसें भी सड़कों पर खड़ी दिखाई दीं। जहां व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने शटर गिरे हुए दिखे। वहीं स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालयों में सामान्य रूप से कार्य हुआ। राज्य पुलिस मुख्यालय के अनुसार गया, जहानाबाद, सहरसा, मधेपुरा, बेगूसराय, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, भोजपुर, लखीसराय, शेखपुरा, नवादा और भागलपुर जिलों में रेल और सड़क यातायात रोका गया। राज्य सरकार और पुलिस ने राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की थी। इसके बावजूद सुबह से रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और टैक्सी स्टैंड पर सैकड़ों यात्री फंसे हुए थे।
पटना के एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने कहा कि कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बंद के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी उपाय किए गए। वहीं एडीजी (मुख्यालय) जितेंद्र कुमार ने कहा कि कुछ शहरों में दुकानों को जबरदस्ती बंद कराया गया, बाकी पूरे राज्य में बंद शांतिपूर्ण रहा। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि चाचा की मृत्यु के कारण उन्होंने बंद में हिस्सा नहीं लिया। वहीं तेजस्वी ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि राजद ने किसान यूनियनों द्वारा बुलाए गए देशव्यापी आंदोलन को अपना समर्थन दिया था। उन्होंने आगे कहा कि इस बंद में बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे शामिल होंगे।
यादव ने कहा, ‘विधानसभा अध्यक्ष हमारे संरक्षक हैं। पुलिस ने नीतीश कुमार के निर्देश के बाद ही विधानसभा परिसर में लाठीचार्ज किया और विधायकों की पिटाई की। मुख्यमंत्री द्वारा स्पीकर पर दबाव बनाए जाने की संभावना है, लेकिन राजद को उनपर विश्वास है।’


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