सीवान के दूसरे राज्यों में फंसे 1.7 लाख मजदूरों ने किया आवेदन, 9394 आवेदन रिजेक्ट, 82,400 प्रवासी मजदूरों के खाते में भेजा गया एक-एक हजार रूपये
सीवान। कोरोना वायरस यानी कोविड-19 से लोगों को बचान एवं प्रभावी रोकथाम को लेकर लॉकडाउन यानी तालाबंदी लागू किया गया है। इस बीच जिले के लाखों मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे हुए है। जिनके मदद के लिए जिला प्रशासन ने उनके बैंक खाते में एक हजार रूपये की दर राशि भेजा है। जिले में स्थापित एनआइसी से मिली जानकारी के अनुसार दूसरे राज्यों में रह रहे जिले के करीब 1.07 लाख लोगों ने आवेदन किया था। इसमें से 82 हजार 400 के आवेदनों को स्वीकृति देते हुए इनके खाते में एक-एक हजार सहायता राशि आरटीजीएस के माध्यम से भेज दी गई है। नौ हजार 394 आवेदन अपूर्ण होने के कारण अस्वीकृत कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी अमित कुमार पांडेय के निर्देश पर आपदा प्रबंधन कार्यालय में गठित कोषांग द्वारा प्रवासी मजदूरों द्वारा एप के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन उपरांत उनकी संख्या सरकार को अग्रसारित की जा रही है। डीएम ने बताया कि लॉकडाउन के मद्देनजर जिले के प्रवासी बिहारी, जो बाहर के राज्यों में फंसे हुए हैं, उनकी समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन संवेदनशील है और सरकार के निर्देश के आलोक में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
आधार कार्ड और बैंक खाता जरूरी
एनआइसी प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि सहायता राशि प्राप्त करने हेतु वेबसाइट आपदा डॉट बिहार डॉट एनआइसी डॉट आइएन पर उपलब्ध लिक से बिहार कोरोना तत्काल सहायता मोबाइल एप डाउनलोड कर सकते हैं। आवश्यक कागजात को सबमिट कर सरकारी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए लाभार्थी को आधार कार्ड की प्रति और लाभार्थी के नाम से बैंक खाता जो राज्य में अवस्थित हो देना होता है। लाभार्थी के जीपीएस बेस्ड फोटो (सेल्फी) का सत्यापन आधार डेटाबेस के फोटो से किया जाएगा। इसके बाद उन्हें सरकार की तरफ से राशि उनके खाते में दी जा रही है।


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