पटना: पटना शहर स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज (एनएमसीएच) के जूनियर डॉक्टर शुक्रवार को जिला प्रशासन द्वारा अस्पताल में सुरक्षा का आवश्यक इंतजाम किए जाने के बाद देर शाम काम पर लौट आए। मरीजों के परिजनों द्वारा मारपीट किए जाने के बाद पुख्ता सुरक्षा की मांग को लेकर गुरुवार से कई विभागों के डॉक्टरों ने काम करना बंद कर दिया था।
पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा और एनएमसीएच प्रशासन की उपस्थिति में वहां जूनियर डॉक्टरों से हुई बातचीत के बाद वे काम पर लौट आए हैं। एनएमसीएच जूनियर डाक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ रामचंद्र कुमार ने सभी जूनियर डॉक्टरों के काम पर फिर से लौट आने की पुष्टि करते हुए बताया कि गुरुवार और शुक्रवार दोनों दिन कुछ विभागों में मरीज के परिचारकों द्वारा डॉक्टरों के साथ मारपीट की गयी थी जिसके बाद उन विभागों में डॉक्टर सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में काम नहीं करने को विवश हुए थे।
बातचीत के दौरान अधिकारी और अस्पताल प्रशासन के सामने जूनियर डॉक्टरों ने अपनी कुछ मांगें रखी थीं। इनमें सुरक्षा मुख्य मांग थी। डॉक्टरों का कहना था कि वे अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों का इलाज करते हैं इसके बावजूद उनके साथ मारपीट की जाती है। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। कोविड समर्पित अस्पताल एनएमसीएच में आॅक्सीजन की कमी के बारे में पूछे जाने पर जिलाधिकारी ने कहा कि इसे हल करने की कोशिश की जा रही है और अब वहां आॅक्सीजन के 100 सिलेंडर रिजर्व में रखे जाने की व्यवस्था की जा रही है।


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