राष्ट्रनायक न्यूज।
एकमा/मशरक (सारण)। वैशाख शुक्ल पूर्णिमा बुधवार यानी 26 मई को साल का पहला चंद्रग्रहण लगेगा। यह चंद्रग्रहण देश के पूर्वोत्तर भाग में और पश्चिम बंगाल के कुछ भाग में दिखाई पड़ेगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा पर कई शुभ संयोग बन रहा है। इस साल बुद्ध पूर्णिमा के दिन शिव और सर्वार्थ सिद्धि योग होने से पूजन का विशेष लाभ मिलेगा। वहीं एक और खास बात यह है कि पूर्णिमा के दिन ही वर्ष का पहला चंद्रग्रहण लगेगा। यह चंद्रग्रहण उपछाया होने के कारण सूतक काल नहीं लगेगा। बुधवार को यह चंद्रग्रहण अनुराधा नक्षत्र व वृश्चिक राशि में लगेगा।
ज्योतिषाचार्य डॉ. विवेकानंद तिवारी के अनुसार साल का पहला चंद्रग्रहण भारतीय समयानुसर दोपहर 03:15 बजे से आरंभ होकर संध्या 06:23 बजे खत्म हो जाएगा। ग्रहण का मध्य काल शाम 04:49 बजे होगा। वर्ष के प्रथम चंद्रग्रहण की अवधि लगभग तीन घंटे 08 मिनट का रहेगा। श्री तिवी ने बताया कि चंद्रग्रहण का सूतक नौ घंटे पहले ही शुरू हो जाता है। चंद्रग्रहण वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में लगेगा। इस कारण इसका ज्यादा प्रभाव इसी राशि और नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातकों पर पड़ेगा। ऐसे में वृश्चिक राशि के अलावा मेष, मिथुन, सिंह, तुला और मीन राशि वालों को वाणी और स्वास्थ्य पर नियंत्रण रखना शुभ रहेगा। कन्या, धनु, मकर राशि के लिए शुभ परिणाम मिलेंगे।
बताया गया है कि यह ग्रहण न तो बिहार में दिखेगा और न ही ज्योतिष के मुताबिक इसका यहां कोई असर होगा। सूतक नहीं लगने के कारण आप इस दिन अपनी दिनचर्या सामान्य दिनों की तरह ही रख सकते हैं। जबकि अगला चंद्रग्रहण इस साल नवंबर महीने में लगेगा। भारत में चंद्रोदय के ठीक बाद, ग्रहण के आंशिक चरण की समाप्ति बस कुछ क्षणों के लिए, भारत के उत्तरपूर्वी हिस्सों (सिक्किम को छोड़कर), पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीप के कुछ तटीय भागों से दिखाई देगी। भारत में ये उपच्छाया चंद्रग्रहण है।


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