नई दिल्ली, (एजेंसी)। अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो गया है, लेकिन इसे लेकर अब भारत में भी सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। इसी बीच बुधवार को एक मीडिया को इंटरव्यू देने के दौरान मशहूर शायर मुनव्वर राना ने विवादित बयान दिया है। मुनव्वर ने कहा कि तालिबान ने सही किया है। अपनी जमीन पर कब्जा तो किसी भी तरह से किया जा सकता है। तालिबान के आतंकी नेटवर्क पर मुनव्वर राना ने कहा कि आतंकी तो आप कह रहे हैं ना। आप खुल्लमखुल्ला यह कहते हैं कि हर मुसलमान आतंकी नहीं होता लेकिन हर आतंकी मुसलमान होता है। आपके यहां तो आतंकी की परिभाषा निकाली ही नहीं गई है कि कौन आतंकी है कौन आतंकी नहीं है। उन्होंने कहा कि तालिबान आतंकी संगठन हो सकता है लेकिन वह अपने मुल्क के लिए लड़ रहे हैं तो आप उन्हें आतंकी कैसे कह सकते हैं।
मुनव्वर राना ने आगे कहा कि जिस मुल्क से हमारे लंबे वक्त से ताल्लुकात रहे हों या यूं कहें कि कभी वो हिंदुस्तान का ही हिस्सा रहा हो। तालिबान का जो रवैया है उन्हें आतंकवादी या आतंकी नहीं कह सकते हैं। हां, उन्हें अग्रेसिव कहा जा सकता है। आपको बता दें कि इससे पहले सपा सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने भी मंगलवार को विवादित बयान किया था। बर्क ने तालिबान का समर्थन करते हुए कहा था कि उन्होंने अपने देश को आजाद कराया है। उन्होंने कहा था, हिंदुस्तान में जब अंग्रेजों का शासन था और उन्हें हटाने के लिए हमने संघर्ष किया, ठीक उसी तरह तालिबान ने भी अपने देश को आजाद किया। तालिबान ने रूस, अमेरिका जैसे ताकतवर मुल्कों को अपने देश में ठहरने नहीं दिया। इसके बाद बुधवार को उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153 अ, 124अ और 295अ के तहत केस दर्ज किया गया है।
हालांकि मुकदमा दर्ज होने के बाद बर्क अपने दिए बयान से पलटते हुए नजर आए और उन्होंने बुधवार को कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। बर्क ने कहा कि मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा है ,यह मुझपर गलत इल्जाम है और मैं इस मामले में हिन्दुस्तान की नीतियों के साथ हूं। डॉक्टर शफीक उर रहमान ने बुधवार को पत्रकारों से कहा कि मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया यह बिल्कुल गलत है। मुझसे सवाल किया गया तो मैंने कहा तालिबान से मेरा क्या ताल्लुक? मैं इस सिलसिले में कुछ नहीं कह सकता बल्कि जो मेरे मुल्क की नीतियां होंगी, मैं उसके साथ रहूंगा, तालिबान से मेरा कोई वास्ता नहीं।


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