नई दिल्ली, (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट में एक हफ्ते के अंदर फिजिकल सुनवाई शुरू हो सकती है। बुधवार को शीर्ष अदालत ने इस बात के संकेत दिये हैं। कोविड-19 महामारी का असर सुप्रीम कोर्ट पर भी पड़ा था। पिछले साल मार्च के महीने से अदालत में वर्चुअली सुनवाई हो रही है। अब ऐसे उम्मीद है कि यह व्यवस्था जल्द ही समाप्त हो जाएगी। चीफ जस्टिस एन वी रमना की अध्यक्षता वाली एक बेंच ने कहा कि अदालत में फिजिकल सुनवाई अगले 10 दिनों में चालू हो सकती है। इस बेंच जस्टिस सूर्यकांत और अनिरुद्ध बोस भी शामिल थे। न्यायाधीशों ने यह बात बॉम्बे हाईकोर्ट के एक फैसले के खिलाफ लगाई गई याचिका पर सुनवाई के दौरान कही। यह मामला टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी की तरफ से टैरिफ को लेकर जारी किये गये एक आदेश से संबंधित थी।
याचिका पर वर्चुअली सुनवाई के दौरान इस महत्वपूर्ण बेंच ने कहा कि हम मामले में वकीलों द्वारा की जा रही बहस को देख या सुन पाने में असमर्थ हैं। हम एक हफ्ते बाद या 10 दिनों बाद फिजिकली सुवनाई कर सकते हैं। पिछले साल मार्च के महीने से ही अदालत में वर्चुअली कार्रवाई चल रही है। ऐसा कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण हो रहा था। हालांकि, कई वकील मांग कर चुके हैं कि फिजिकली सुनवाई को शुरू कर देना चाहिए।
इसी साल जुलाई के महीने में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने सीजेआई को एक खत लिखा था। इस खत के जरिए अदालत में फिजिकल सुनवाई की मांग उठाई गई थी। खत में कहा गया था कि कोविड-19 से बने हालात अब देश में करीब-करीब सामान्य हो चुके हैं। आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट, वर्चुअल कोर्ट सिस्टम के चलते अपनी कार्यक्षमता पर पड़ रहे असर को लेकर खिन्नता का इजहार कर चुका है। कोर्ट ने इसी वर्ष जनवरी में कहा था कि इसके चलते उचित तरीके से कार्यवाही चलाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।


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