बिहार में 9 नदियां खतरे के निशान से ऊपर, मंडराया खतरा, कई गांव में घुसा बाढ़ का पानी
पटना। नेपाल के तराई क्षेत्र एवं उत्तरी बिहार में लगातार हो रही बारिश के बाद बिहार के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति विकराल होती जा रही है। चंपारण, मिथिलांचल, कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों की नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। सूबे की अधिकांश नदियां लाल निशान को पार कर गयी हैं। कोसी, बागमती, कमला और गंडक के साथ-साथ लालबकेया, अधवारा आदि कुछ छोटी नदियों में भी उफान से लगभग 50 से अधिक गांव पानी में घिर गये हैं। भारी बारिश के कारण नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, जिससे कई नदियों के बांधों पर खतरा मंडराने लगा है। मधुबनी के झंझारपुर में पुनर्दाहा के पास कमला बलान तटबंध में हेवी रेन कट के बाद उसकी सुरक्षा में जल संसाधन विभाग की टीम जुट गई है। मुजफ्फरपुर के औराई-कटरा में तटबंध पर बागमती के बढ़े जलस्तर का भारी दबाव आ गया है। चंपारण, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी और शिवहर के निचले इलाकों में स्थिति विकट होती जा रही है। पानी से घिरे गांव के लोग बांध और एनएच जैसे ऊंचे स्थानों पर तंबू गाड़ शरण लेने लगे हैं। ऊपर से लगातार हो रही बारिश में बाढ़ पीड़ित दोहरी मुसीबत झेल रहे हैं।


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