- भूमिहीनों को जमानत मिलने के बाद भी जेल से छूटने में होती है परेशानी
राष्ट्रनायक न्यूज।
औरंगाबाद (बिहार)। औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह ने गुरुवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान जेल में बंद वैसे गरीब लोगों को जमानत देने के मामला उठाया है जिनकी सजा पूरी होने के बाद भी जमानत के लिए कुछ नहीं रहता है। सांसद ने कहा कि आज मैं देश के वैसे लाखों गरीब लोगों की एक बहुत ही गंभीर समस्या की ओर सदन का ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूं जो देश भर के विभिन्न जेलों में कैदी के रूप में छोटे-मोटे अपराध में बंद हैं। इन पर मुकदमों में 7 साल से भी कम की सजा है और जमानतीय धाराएं हैं। बहुत बार इनको न्यायालय से जमानत भी मिल जाता है या सजा पूरी हो जाती है लेकिन जमानत के लिए इनके पास कोई लगान की रसीद, घर की रसीद या कोई गाड़ी का आॅनरशिप नहीं होता है। ऐसे लोगों को जमानत मिलने के बाद भी जेल से छूटने में परेशानी ही है। देश के वैसे लाखों गरीब लोग जिनके पास कोई जमीन नहीं है, घर नहीं है, गाड़ी नहीं है जिसे वे जमानत के रूप में प्रस्तुत कर सकें। जेल से छूटने के लिए उनको बेलर चाहिए और दूसरा कोई बेलर बनने के लिए तैयार नहीं होता है। कोई व्यक्ति उनके लिए अपनी जमीन की रसीद देने को तैयार नहीं होता है। ऐसे में सांसद ने भारत सरकार से निवेदन किया कि अगर इस कानून में बदलाव करना आवश्यक हो तो करना चाहिए। जो बेलेबुल आॅफेंसेस है और हीनियस क्राइम की श्रेणी में नहीं आते है वैसे गरीब लोगों की जमानत के लिए कानून में बदलाव किया जाना चाहिए।


More Stories
कार्यपालक सहायकों को जुमला दिखाकर ठग रही बीपीएसएम, कार्यपालक सहायकों ने कहा- मांगें पुरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
कार्यपालक सहायकों ने राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांग को ले शहर में निकला कैंडल मार्च, नीतीश सरकर के खिलाफ की नारेबाजी
कार्यपालक सहायकों ने दूसरे दिन भी कार्यपालक सहायकों ने काला पट्टी बांधकर किया कार्य, आंदेलन को सामाजिक व राजनैतिक दलों का मिल रहा समर्थन, कहा- कार्यपालक सहायकों की मांगें जायज, सरकार जल्द पूरी करें मांग