प्रो. संजय पाण्डेय। राष्ट्रनायक न्यूज।
छपरा (सारण)। सारण के शशिकान्त तिवारी ने हरियाणा में प्रोफेसर के रुप मे चयनित होकर जिले का गौरव बढाया है। इनकी नियुक्ति हरियाणा के कैथल स्थित महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में दर्शन शाष्त्र में सहायक प्रोफेसर पद पर पिछले महीने हुई। जलालपुर प्रखंड के सुकसेना गॉव में गरीब ब्राम्हण परिवार में जन्मे आशु कवि डॉ शशिकांत शशिधर ने प्रारम्भिक शिक्षा गॉव में पूरी कर संस्कृत की उच्च शिक्षा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से पूरी की। वहां उन्होंने पी एच डी, नेट, जे आर एफ के अलावे सांख्य, योग, दर्शन, व्याकरण, साहित्य एवं पुराणेतिहास में आचार्य की डिग्री हासिल की है। वे बनारस में सार्वभौम संस्कृत प्रचार संस्थान से भी जुड़े रहे।इन्हें विशिष्ट प्रतिभा के कारण वहां मेधावी छात्र सम्मान, सार्वभौम रत्न सम्मान,युवा कवि सम्मान के अलावे उतरप्रदेश सरकार द्वारा पिछले वर्ष साहित्य रत्न सम्मान भी दिया गया। बी एड प्रशिक्षण के दौरान इन्हें राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान लखनऊ द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। छपरा में भी इन्हें सारण प्रगति सम्मान दिया जा चुका है।इन्होंने भागवतामृतसंग्रह,रसवर्षिणी, रक्ष जलम्, रक्ष जीवनम्, विरह शतकम्, वैराग्य शतकम्, विधिशतकम्, रे कोरोने जैसे कई संस्कृत काव्य पुस्तकों को लिखा है। इन्हें छपरा में संस्कृतज्ञ विदवत्सभा “युवा ब्राम्हण चेतना मंच” संस्था द्वारा भी कई बार सम्मानित किया जा चुका है। इनके पिता योगीश दत तिवारी पौरोहित्य कार्य करते हैं। इनकी माता गीता देवी गृहिणी हैं।


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