राष्ट्रनायक न्यूज

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घरों में ही भक्तिभाव से मनी महावीर जयंती, शाम में हुई भव्य आरती, शोभायात्रा नहीं निकली

पटना: कोरोना संक्रमण को देखते हुए राजधानी पटना में जैन समुदाय के लोगों ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए रविवार को भगवान महावीर की जयंती मनाई। हर साल निकाली जाने वाली शोभायात्रा इस बार नहीं दिखी। श्रद्धालुओं ने इस बार किसी भी प्रकार का सामूहिक आयोजन नहीं किया। जैन संघ के एमपी जैन ने बताया कि कांग्रेस मैदान मंदिर में भगवान महावीर की भव्य सफेद संगमरमर की प्रतिमा पर 108 कलशों से श्रद्धालुओं के नाम से पूजा की गई। भगवान की शांतिधारा जिनेश जैन एवं विकास अग्रवाल ने किया। शाम में 108 दीपों से भगवान की आरती की गई। मीठापुर जैन समाज के अध्यक्ष विजय कासलीवाल ने बताया कि मीठापुर दिगम्बर जैन मंदिर में प्रात: छह बजे से भगवान महावीर की प्रतिमा पर अभिषेक किया गया। शनिवार का प्रथम कलश का अर्पण एक साल के बच्चे ज्ञानांश जैन की ओर से किया गया। साथ ही भगवान पर 108 श्रीफल भी चढ़ाया गया। संध्या में भगवान की 108 दीपों से आरती की गई।

अभिषेक कार्यक्रम का लाइव प्रसारण फेसबुक के माध्यम से किया गया जिसका श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से दर्शन किया। मुरादपुर मंदिर में भी भगवान की शांतिधारा पुजारी सुबोध जैन फंटी ने किया। एमपी जैन ने बताया कि आज भगवान महावीर जयंती पर सामूहिक कार्यक्रम नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं ने अपने अपने घरों पर ही पूजा की। घरों में नया जैन ध्वज लगाया। कुछ श्रद्धालुओं ने घंटी, थाल इत्यादि बजायी। कुछ ने घरों में रंगोली बनाई। कुछ ने भगवान को पालने पर बैठाकर झुलाया। घरों ने महावीर चालीसा का पाठ किया गया। जैन समाज ने भगवान से प्रार्थना की कि देश में कोरोना महामारी जल्द से जल्द खत्म हो। संध्या में सभी श्रद्धालुओं ने अपने अपने घरों के दरवाजे खोलकर तथा बालकनी में खड़े होकर भगवान महावीर स्वामी की आरती की। एमपी जैन ने बताया कि भगवान महावीर ने संसार को सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह एवं ब्रह्मचर्य का सिद्धांत दिया। पंचशील सिद्धान्त के प्रर्वतक एवं जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थकंर महावीर स्वामी अहिंसा के मूर्तिमान प्रतीक थे। 72 वर्ष की आयु में भगवान महावीर का निर्वाण पावापुरी में हुआ।